By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 26, 2026
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से बुधवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में मुलाकात की और आरोप लगाया कि सरकार युवाओं का भविष्य कुचल रही है। तेजस्वी ने राज्य की राजधानी स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन छात्रों से बातचीत की। मंगलवार को हजारों छात्रों और अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने की कोशिश की थी।
‘इमरजेंसी’ वार्ड में भर्ती छात्रों को घंटों तक इलाज तक नहीं मिला।” उन्होंने केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “देश में सबसे अधिक युवा आबादी वाले राज्य बिहार में छात्रों का भविष्य मोदी एंड कंपनी द्वारा बेरहमी से कुचला जा रहा है। अपने अधिकारों और हक की आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से गोलियां चलाई जा रही हैं और लाठीचार्ज किया जा रहा है।” राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को “दुर्घटनावश मुख्यमंत्री” बताते हुए कहा कि उन्हें पुलिस कार्रवाई के लिए छात्रों से तत्काल माफी मांगनी चाहिए। तेजस्वी द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह पीएमसीएच में घायल छात्रों से बातचीत करते नजर आए।
एक छात्रा ने दावा किया कि अस्पताल लाए जाने के “तीन घंटे बाद” उसके सिर में टांके लगाए गए। वहीं, एक छात्र ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसे “निशाना बनाकर” पीटा और उसके सिर में 13 टांके लगे। वीडियो में मौजूद एक चिकित्सक ने तेजस्वी से कहा कि सीटी स्कैन में घायल छात्र के सिर में सूजन पाई गई है।
वहीं, पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सौरभ कुमार सिंह ने दावा किया कि उनके समूह के करीब 40 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था और कई अभ्यर्थी घायल हुए, जिनमें दो गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस ने आधी रात तक हिरासत में लिए गए सभी लोगों को एक-एक कर रिहा कर दिया। हमारे दो गंभीर रूप से घायल साथी पीएमसीएच में उपचाराधीन हैं।” सिंह ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आपसी विचार-विमर्श के बाद अगले कुछ दिनों में बिहार बंद का आह्वान किया जा सकता है।