By अंकित सिंह | Nov 08, 2026
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव पर निशाना साधा। उन्होंने रामा राव पर अपना लुक कॉपी करने का आरोप लगाते हुए कहा, "सिर्फ दाढ़ी बढ़ा लेने से आप रेवंत रेड्डी जैसे नहीं दिखने लगेंगे।" रेड्डी ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस आधार के राजनीतिक दिखावा करना, खुद को बाघ दिखाने की कोशिश कर रहे लोमड़ी जैसा है; और सिर्फ नकल करने से के.टी. रामा राव (जिन्हें KTR के नाम से जाना जाता है) को मतदाताओं का भरोसा नहीं मिल पाएगा।
विकाराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि जैसे कोई लोमड़ी बाघ की धारियों की नकल करके बाघ नहीं बन सकती, वैसे ही आप भी किसी की नकल करके बाघ नहीं बन सकते। सिर्फ दाढ़ी बढ़ा लेने से कोई रेवंत रेड्डी नहीं बन जाता। उन्हें दाढ़ी बढ़ाने में 50 साल लग गए। पता नहीं, उन्हें थोड़ी समझदारी हासिल करने में और कितने साल लगेंगे? उन्होंने आगे कहा, "जब तक नेता अपनी सोच नहीं बदलता, तब तक तेलंगाना की जनता उस पर कभी भरोसा नहीं करेगी।"
उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि चाहे आप 10 जन्म ले लें या ताड़ के पेड़ से लटक जाएं, आप तारक रामाराव ही रहेंगे, लेकिन अपने पूरे जीवन में कभी रेवंत रेड्डी नहीं बन पाएंगे। कार्यकर्ताओं का ख्याल रखने और उन्हें अपने दिल के करीब रखने के लिए हिम्मत चाहिए होती है। इस रिपोर्ट को तैयार किए जाने के समय तक राव या BRS की ओर से कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई थी। यह बयान कांग्रेस और BRS के बीच चल रही जुबानी जंग का एक और हिस्सा है, जिसमें दोनों पार्टियों के नेता राज्य में शासन, नेतृत्व और विकास के मुद्दों पर एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि 10 साल तक मुख्यमंत्री रहने और राज्य का बजट ₹20 लाख करोड़ तक पहुंच जाने के बावजूद, BRS अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने सिंचाई से जुड़ी कोई भी लंबित परियोजना पूरी नहीं की है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने 16 लाख एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए 'प्राणहिता-चेवेल्ला' परियोजना की योजना बनाई थी, लेकिन KCR ने इसकी जगह बदलकर और इसकी लागत बढ़ाकर इसे 'कालेश्वरम' परियोजना में बदल दिया। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना का निर्माण KCR ने ही कराया था और उनके कार्यकाल के दौरान ही यह "ढह" गई।