By रेनू तिवारी | Feb 17, 2026
तेलंगाना में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद सोमवार को हुए महापौर (Mayor) और अध्यक्ष (Chairperson) पदों के चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने सात नगर निगमों में से पांच पर कब्जा जमाया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने हाल ही में हुए चुनावों में सात नगर निगमों में से पांच में महापौर पद जीते, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने एक-एक नगर निगम में जीत हासिल की। कांग्रेस ने नगरपालिकाओं में अपना दबदबा कायम किया और 81 नगरपालिकाओं में अध्यक्ष का पद हासिल किया। तेलंगाना में 11 फरवरी को 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए हुए चुनावों के बाद सोमवार को राज्य भर में नगर निकायों के प्रमुखों के पदों के लिए चुनाव हुए। मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने 18 नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद हासिल किए, जबकि भाजपा ने एक नगरपालिका में जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार और एआईएफबी (ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक) ने एक सीट जीती।
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीआरएस केवल 18 नगरपालिकाओं तक सिमट कर रह गई है, जो पार्टी के लिए एक चिंताजनक संकेत है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने एक नगर निगम और एक नगरपालिका में जीत हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने भी एक सीट पर जीत हासिल की है।
राजनीतिक विश्लेषण: विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनावों के बाद स्थानीय निकायों में कांग्रेस की यह जीत मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कांग्रेस ने बीआरएस के पुराने गढ़ों में सेंध लगाने में सफलता पाई है।