Falgun Amavasya 2026: Falgun Amavasya पर Solar Eclipse और पंचक का महासंयोग, जानें Puja Vidhi और तर्पण का मुहूर्त

By अनन्या मिश्रा | Feb 17, 2026

हिंदू धर्म में फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से फाल्गुन अमावस्या के दिन को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदी में स्नान आदि करते हैं और फिर पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और दान जैसे कार्य करते हैं। इस बार आज यानी की 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या मनाई जा रही है। इस दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। तो आइए जानते हैं अमावस्या तिथि, मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में...

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तर्पण का मुहूर्त

आज 17 फरवरी को भौमवती अमवस्या के मौके पर लोग मृत पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करते हैं। इसके लिए दोपहर 12:37 मिनट से लेकर 01:23 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस समय तक आप पितरों के निमित्त तर्पण और दान आदि कर सकते हैं।

क्यों है खास

फाल्गुन अमावस्या पर श्राद्ध और पितृ तर्पण का महत्व है। इस दिन पितरों की शांति के लिए दान, तर्पण और पूजन आदि किया जाता है।

अमावस्या तिथि पर धार्मिक स्नान और दान का भी महत्व है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और जरूरतमंदों को दान करते हैं। मान्यता है कि इससे व्यक्ति को पुण्यफल मिलता है।

फाल्गुन अमावस्या पर इस साल सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।

वहीं फाल्गुन अमावस्या से अग्नि पंचक की भी शुरूआत हो रही है। 17 फरवरी 2026 की सुबह 09:05 से पंचक शुरू हो जाएगा। फिर यह 21 फरवरी की शाम 07:07 मिनट पर समाप्त होगा।

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