By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 26, 2020
नयी दिल्ली। दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियां पश्चिम बंगाल के अम्फान चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में 80 से 85 प्रतिशत क्षमता के साथ ही सेवाओं को बहाल कर सकी हैं। दूरंसचार कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सोमवार को कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने और फाइबर केबल टूटने की वजह से सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो सकीं। इसके अलावा बिजली-पानी की आपूर्ति को लेकर लोगों के विरोध प्रदर्शन करने के चलते भी इसमें व्यवधान आया। दूरसंचार विभाग ने कंपिनयों से सोमवार शाम तक 95 प्रतिशत कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए कहा था। सीओएआई के महानिदेशक राजन एस. मैथ्यूज ने कहा, ‘‘ करीब 85 प्रतिशत दूरसंचार सेवा नेटवर्क को बहाल कर लिया गया है।
सेवा बहाल करने में मुख्य बाधा बिजली आपूर्ति ना होना, फाइबर केबल का टूटना और सड़कों पर पेड़ के टूटने और लोगों के विरोध प्रदर्शन करने से कर्मचारियों को पेश आ रही दिक्कतें हैं।’’ उन्होंने कहा कि कोलकाता, उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना जिलों में उसके कर्मचारियों का लोगों द्वारा घेराव करने की वजह से उन्हें मोबाइल टावर ठीक करने में दिक्कतें आयी। टावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (टाइपा) के मुताबिक कोलकाता में बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है। लेकिन आपूर्ति को स्थिर होने में समय लगेगा। टाइपा के महानिदेशक टी आर दुआ ने बताया कि पश्चिम बंगाल के अधिकतर इलाकों में निजी कंपनियों की 90 प्रतिशत सेवा बहाल हो चुकी है। लेकिन कोलकाता, उत्तरी और दक्षिणी परगना जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण हैं। दूरसंचार उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सरकारी कंपनी बीएसएनएन की 60 से 65 प्रतिशत सेवा बहाल हो चुकी है। इस प्रकार कुल दुरसंचार सेवा 80-85 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही है। इस बारे में बीएसएनएल की ओर से कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।