Prabhasakshi Excluvise: Gurpatwant Singh Pannun यदि भारत में रह कर अमेरिका के टुकड़े करने की बात करता तो US क्या करता?

By नीरज कुमार दुबे | Nov 30, 2023

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि अमेरिका ने आरोप लगाया है कि खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू पन्नू की हत्या की साजिश की गयी जिसमें भारतीय अधिकारी की संलिप्तता रही। भारत ने इस संबंध में जांच बैठा दी है। अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने के लिए अपने दो अधिकारी भी दिल्ली भेजे थे। इस बीच खबर है कि कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा है कि यही बात जब मैं कह रहा था तब कोई नहीं मान रहा था। इस सब को कैसे देखते हैं आप? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका को पन्नू की इतनी चिंता क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि भारत ने साल 2020 में ही पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया था और उस पर तमाम आरोप लगाये थे जिनके बारे में अमेरिका को जानकारी थी। उन्होंने कहा कि पन्नू अमेरिका में बैठा बैठा भारत सरकार को धमकी देता रहता है, कभी एअर इंडिया को धमकी देता है तो कभी कनाडा में भारतीय अधिकारियों को धमकी देता है तो कभी विदेशों में अन्य भारतीयों को धमकी देता है लेकिन यह सब अमेरिका देखता रहता है। उन्होंने कहा कि एक ओर अमेरिका आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई की बात करता है और दूसरी ओर आतंकियों और अलगाववादियों को पनाह देता है, यह तो साफ दोगलापन है। उन्होंने कहा कि यदि पन्नू भारत सरकार को धमकाये तो क्या भारत सरकार चुपचाप बैठी रहे? उन्होंने कहा कि यदि पन्नू भारत में रह कर इसी तरह अमेरिका को धमका रहा होता तो अमेरिका क्या करता? अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां क्या करतीं? 

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Exclusive: Last-Minute Deal में Israel, Hamas ने एक दिन के लिए और क्यों बढ़ाया युद्धविराम? Netanyahu का अगला कदम क्या Gaza के लिए घातक सिद्ध होने वाला है?

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि कनाडा के साथ मुख्य मुद्दा उस देश में भारत विरोधी तत्वों की गतिविधियां है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा कहा है कि कनाडा ने सतत रूप से भारत विरोधी चरमपंथियों को और हिंसा को जगह दी है और मुख्य मुद्दा दरअसल यही है। कनाडा में हमारे राजनयिक प्रतिनिधियों ने इसके दंश को झेला है। उन्होंने कहा कि हम कनाडा की सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह राजनयिक संबंधों पर विएना समझौते के तहत वचनबद्धताओं का पालन करे। हमने अपने आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप को भी देखा है। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर यह अस्वीकार्य है।

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि अमेरिका के आरोप पर भारत ने जोर देकर कहा है कि एक उच्च स्तरीय समिति इस मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी पक्ष ने संगठित अपराधियों, अवैध हथियार रखने वालों और आतंकवादियों के बीच सांठगांठ के संबंध में कुछ जानकारी साझा की है। भारत इस तरह की जानकारी को गंभीरता से लेता है क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय हितों पर भी अतिक्रमण है और संबंधित विभाग इस मुद्दे को देख रहे हैं।

प्रमुख खबरें

एशियाई खेलों में सफलता के बाद भी विदेशी Archery Coach Dave Cousins को तीन माह से वेतन नहीं मिला

Vladimir Putin से मिले Masoud Pezeshkian, बोले- US हमलों के बाद भी बातचीत जारी रखेंगे

Nagaon Lok Sabha Bypoll: BJP प्रत्याशी देवाशीष शर्मा बदरुद्दीन अजमल से 1.46 लाख मतों से आगे

Salman Khan ने लॉन्च किया अपना यूट्यूब चैनल, फैंस के लिए क्या होगा खास?