पाक की शह पर आतंकवादी बना रहे हैं नई Kashmir Files, Target Killing की घटनाएं बढ़ने से खौफ का माहौल

By नीरज कुमार दुबे | Jun 02, 2022

श्रीनगर। कश्मीर घाटी में टार्गेट किलिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने आज एक बैंक में घुसकर बैंक मैनेजर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि कुलगाम के देहाती बैंक में घुसकर एक आतंकवादी ने नाम पूछने के बाद बैंक मैनेजर विजय कुमार को गोली मार दी और भाग गया। बैंक से जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है उसमें दिखायी दे रहा है कि कैसे आतंकवादी गोली मारकर तुरंत भाग गया। बताया जा रहा है कि बैंक मैनेजर विजय कुमार राजस्थान के रहने वाले थे। गोली लगने के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था तब उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। कश्मीर में अभी कल ही एक स्कूल टीचर रजनी बाला की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और आज बैंक मैनेजर विजय कुमार की हत्या कर दी गयी। इससे घाटी में कश्मीरी पंडितों के बीच भय का माहौल और बढ़ गया है। हम आपको बता दें कि 12 मई को सरकारी कर्मचारी राहुल भट की हत्या के बाद से ही कश्मीरी पंडित समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सुरक्षित जगह ट्रांसफर किये जाने की मांग कर रहे हैं। रजनी बाला और अब विजय कुमार की हत्या के बाद यह आंदोलन और तेज हो गया है।

इस बीच, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा है कि पाकिस्तान की चाल कश्मीर को अफगानिस्तान बनाने की है ताकि यहां भय का माहौल हो जाये। उन्होंने कहा कि आतंकवादी चाहे पाताल में छिप जायें लेकिन ढूँढ़-ढूँढ़कर उनका सफाया किया जायेगा। रविंद्र रैना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास की जो बयार बह रही है वह पाकिस्तान को पच नहीं रही है। रविंद्र रैना ने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ कश्मीरी हिंदुओं का ही नहीं बल्कि कश्मीरी मुसलमानों का भी दुश्मन है क्योंकि टार्गेट किलिंग के शिकार मुस्लिम भी हो रहे हैं।

इस बीच, खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। आतंकवादियों द्वारा घाटी में लक्षित हत्याओं को अंजाम दिए जाने के बीच 15 दिन से भी कम समय में इस तरह की यह दूसरी बैठक होगी। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में कोविड-19 महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा की व्यवस्था का जायजा लिए जाने की भी उम्मीद है।

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इस बीच, माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में खतरे की आशंका बढ़ने के मद्देनज़र प्रधानमंत्री विशेष पैकेज के तहत नियोजित कश्मीरी प्रवासियों और जम्मू संभाग के अन्य कर्मचारियों को घाटी में 6 जून तक “सुरक्षित स्थानों” पर स्थानांतरित करने का फैसला किया है। यह फैसला कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा हिंदू सरकारी कर्मचारियों की लक्षित हत्याओं और कश्मीर से उनके पलायन की आशंका के बाद आया है। एक सूत्र ने बताया कि कश्मीर संभाग में तैनात प्रधानमंत्री पैकेज कर्मचारियों और अन्य लोगों जोकि अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, उनको तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। यह प्रक्रिया सोमवार, छह जून तक पूरी कर ली जाएगी। सूत्रों ने कहा कि कर्मचारियों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए विश्वसनीय उपाय किए जाएंगे। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी संबंधित मुद्दों के प्रत्यक्ष मूल्यांकन के लिए कर्मचारियों से मिलने जाएंगे।

-नीरज कुमार दुबे

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