By नीरज कुमार दुबे | Jun 21, 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO एलोन मस्क तथा शिक्षाविदों और थिंक टैंक समूहों के सदस्यों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री से मिलने वालों में मस्क के अलावा अमेरिकी खगोल वैज्ञानिक, लेखक और विज्ञान संचारक नील डेग्रास टायसन, निबंधकार और सांख्यिकीविद् प्रोफेसर नसीम निकोलस तालेब, प्रोफेसर पॉल रोमर, लेखक और अकादमिक प्रोफेसर रॉबर्ट थुरमैन, निवेशक रे डेलियो, गायक फाल्गुनी शाह और पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष नीली बेंदापुडी आदि प्रमुख रहे।
वहीं ग्रैमी पुरस्कार विजेता भारतीय-अमेरिकी गायक फाल्गुनी शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री को देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्हें एल्बम कवर और गाना बहुत पसंद आया। उन्होंने कहा आशा है कि गीत से बहुत सारे लोग लाभान्वित होंगे। वहीं अमेरिकी निवेशक रे डेलियो ने कहा कि भारत की क्षमता बहुत बड़ी है और अब आपके पास एक सुधारक है जो बदलाव की क्षमता और लोकप्रियता रखता है। भारत और प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे मोड़ पर हैं जिसमें बहुत सारे अवसर पैदा होंगे।
वहीं पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष नीली बेंदापुडी ने कहा कि यह एक अविश्वसनीय मुलाकात थी। प्रधानमंत्री के साथ बैठना और उनकी दृष्टि को सुनना कि ये दो महान लोकतंत्र भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका एक साथ कैसे काम कर सकते हैं, वास्तव में यह प्रेरणादायक है।
इसके अलावा, न्यूयॉर्क में PM मोदी से मुलाकात के बाद प्रोफेसर पॉल रोमर ने कहा कि यह एक शानदार मुलाकात थी। हमने शहरी विकास के महत्व के बारे में बात की। वे इन मुद्दों को अच्छी तरह समझते हैं। प्रधानमंत्री ने इसे बहुत अच्छी तरह से व्यक्त किया कि शहरीकरण कोई समस्या नहीं है। यह एक अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत आधार (Aadhaar) जैसी पहल से प्रमाणीकरण के मोर्चे पर दुनिया को रास्ता दिखा सकता है। वहीं अमेरिकी खगोलशास्त्री, लेखक और विज्ञान संचारक नील डी. ग्रासे टायसन ने कहा कि मुझे उनके साथ समय बिताकर खुशी हुई। भविष्य को लेकर उनकी सोच के बारे में जानकर खुशी हुई। मुझे पूरा यकीन है कि भारत जो हासिल कर सकता है उसकी कोई सीमा नहीं है। इसलिए मैं भारत का बहुत उज्ज्वल भविष्य देखता हूं।
इसके अलावा, न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद निबंधकार और सांख्यिकीविद् प्रोफेसर नसीम निकोलस तालेब ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की...यह अद्भुत था। मैंने COVID की प्रतिक्रिया पर भारत की सराहना की, किस तरह भारत बहुत कुशलता से इससे निपटा, विशेष रूप से भोजन, वितरण और आदि के संबंध में।