By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सरकारी आश्रमशाला की 22 नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया रसोइया पहले भी यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत जेल जा चुका है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, वह आदतन अपराधी है और पिछले मामले में निलंबित किए जाने के बावजूद बाद में उसे बहाल कर दिया गया था।
आघई की एक अन्य आश्रमशाला में पॉक्सो अधिनियम अपराधों को लेकर भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और तब उसे निलंबित किया गया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बाद में उसे किसने और किन परिस्थितियों में बहाल किया।’’ टेंभा स्थित आश्रमशाला की छात्राओं ने 24 अगस्त को पहली बार अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद अधीक्षक ने मामला प्रधानाध्यापक के पास भेजा।
प्रधानाध्यापक ने तत्काल जनजातीय विकास विभाग को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। तेजस्विनी ने बताया कि इसके बाद शहापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह इस तरह की हरकतों में शामिल था।
17-18 छात्राओं का एक ही तरह की शिकायत करना अपने आप में इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उनके आरोप सही हैं।’’ अधिकारियों के अनुसार, गावली को इससे पहले आघई आश्रमशाला में छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसे मुरबाड की मोरोशी आश्रमशाला में तैनात किया गया था। टेंभा आश्रमशाला में हालिया तबादले से पहले वह वहीं कार्यरत था।