By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 08, 2026
ठाणे, आठ नवंबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की से कई बार दुष्कर्म करने के मामले में 35 वर्षीय व्यक्ति को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने आरोपी श्रीनिवास अशोक येलगोंडा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बाल यौन अपराधों विरोधी कानून पॉक्सो की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ठाणे जिले के दिवा पूर्व स्थित उसी आवासीय सोसायटी में रहती थी, जहां आरोपी भी रहता था। जून, 2020 में दोनों की जान-पहचान हुई और फोन पर बातचीत के दौरान उनके बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया। विशेष लोक अभियोजक रेखा हिवराले ने अदालत को बताया कि आरोपी ने नवंबर, 2020 में शादी का वादा करके पड़ोसी के खाली फ्लैट में पहली बार नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद उसने कई बार उसका यौन शोषण किया। फरवरी 2022 में आरोपी द्वारा शादी से मुकरने के बाद हुए विवाद के दौरान यह मामला सामने आया। बचाव पक्ष ने प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी और घटनाओं की सटीक तारीखें उपलब्ध नहीं होने का तर्क दिया।
हालांकि, अदालत ने पीड़िता के जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र के आधार पर पुष्टि की कि वह घटनाओं के दौरान नाबालिग थी। इसलिए उसकी सहमति कानूनन अप्रासंगिक थी। न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता को आरोपी से शादी होने का भरोसा था, जिसके कारण उसने इस संबंध और घटनाओं को अपने माता-पिता से छिपाए रखा।
परिवार द्वारा पुलिस से संपर्क करने में हुई देरी भी सामाजिक प्रतिष्ठा और लड़की के भविष्य से जुड़ी परिस्थितियों में स्वाभाविक थी। अदालत ने कहा कि हिंसा और पूर्व नियोजित यौन अपराध के प्रमाण नहीं मिले, लेकिन पीड़िता की नाबालिग उम्र के कारण कानून के तहत न्यूनतम 20 साल की सजा देना अनिवार्य था।