By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 21, 2026
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2021 में तेज रफ्तार ट्रक से हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए 18-वर्षीय एक ‘सेल्समैन’ के माता-पिता को 23.45 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
एमएसीटी की अध्यक्ष सदस्य रूपाली वी. मोहिते ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि ट्रक चालक के पास दुर्घटना को टालने का अंतिम अवसर था, लेकिन वह वाहन की गति नियंत्रित नहीं कर सका, जिसके कारण टक्कर हुई। उन्होंने कहा कि टक्कर के बाद चालक मौके से फरार हो गया था।
न्यायाधिकरण ने पाया कि हादसे के समय ट्रक चालक के पास वैध परिवहन लाइसेंस नहीं था, जो बीमा शर्तों का ‘‘जानबूझकर उल्लंघन’’ है। इसके मद्देनजर न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को पहले दावेदारों को मुआवजे की राशि का भुगतान करने और बाद में इसे वाहन मालिक से वसूलने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त 2021 को करण भीमा जाधव मोटरसाइकिल से ठाणे जिले के शिलफाटा की ओर जा रहे थे, तभी मुंब्रा बाईपास मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी दोपहिया गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल जाधव को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें भर्ती किए जाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया।
मुंब्रा पुलिस ने इस संबंध में ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया था। दावेदारों ने न्यायाधिकरण को बताया कि जाधव एक कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करता था और उसकी मासिक आय 20,000 रुपये थी।
हालांकि, दस्तावेजी साक्ष्यों के अभाव में एमएसीटी ने उसकी आय 15,000 रुपये प्रतिमाह मानकर मुआवजे की गणना की। न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘दुर्घटना के लिए जिम्मेदार चालक के पास अंतिम अवसर था जिससे हादसे को टाला जा सकता था।’’
एमएसीटी ने कहा कि चालक गति पर नियंत्रण नहीं रख सका और मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी, जो यह दर्शाता है कि वाहन को लापरवाही और तेज रफ्तार में चलाया जा रहा था।
एमएसीटी ने आदेश दिया कि मुआवजे की राशि याचिका दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दी जाए। कुल 23.45 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये मृतक के पिता और 13.45 लाख रुपये माता को दिए जाएंगे, जिसमें से एक हिस्सा तीन साल के लिए सावधि जमा में रखा जाएगा।