By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 11, 2023
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर उच्चतम न्यायालय में केंद्र द्वारा दाखिल हलफनामे की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें तर्क का अभाव है और इसका कोई कानूनी महत्व नहीं है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘केंद्र के बचाव में तर्क का अभाव है. अनुच्छेद 370 को हटाना अवैध और असंवैधानिक है।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोगों को गारंटी देने वाले भारतीय संविधान को नष्ट करने के लिए बहुमत का दुरुपयोग किया गया और भारत सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय के उन पूर्ववर्ती फैसलों का भी उल्लंघन किया, जिसमें कहा गया था कि केवल जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा ही भारत के राष्ट्रपति को अनुच्छेद 370 को हटाने की सिफारिश कर सकती है।’’