By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 21, 2022
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने छह दिन पहले अहरौला थाना क्षेत्र के गौरी का पूरा गांव के पास सड़क किनारे स्थित कुयें में सिर कटे और कई टुकड़ों में शव मिलने के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि कुएं में मिला शव आराधना नामक महिला का था। उन्होंने बताया कि उसकी हत्या के मामले में आरोपी प्रिंस यादव को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रिंस आराधना की शादी दूसरे व्यक्ति से होने नाराज था, इसलिए उसने उसकी हत्या का इरादा किया।
उसके साथ साथ मामले के अन्य अभियुक्तों प्रमिला यादव, सुमन, राजाराम, कलावती, मंजू और शीला यादव की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि गत 16 नवम्बर को गौरी का पूरा गांव के सड़क किनारे युवती का शव कई टुकड़ो में मिला था। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया था। पुलिस के हाथ पहला सुराग तब लगा जब युवती की शिनाख्त क्षेत्र के इसहाकपुर गांव निवासी केदार प्रजापति ने अपनी पुत्री आराधना के रूप में की। धीरे-धीरे मामले की परतें खुलीं तो उसमें प्रिंस यादव की भूमिका जाहिर होने लगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रिंस खाडी देश शारजाह में लकड़ी काटने का काम करता था। उसका आराधना के साथ प्रेम प्रसंग था लेकिन इसी बीच फरवरी 2022 में आराधना की शादी किसी दूसरे व्यक्ति से हुई तो वह शारजाह से घर चला आया। इसके बाद उसने आराधना से बात करने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुआ तो उसने इस बारे में अपने माता-पिता को बताया। इसके बाद वे भी आराधना की हत्या के लिए उसका साथ देने को तैयार हो गए। इसके बाद प्रिंस ने योजना में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अशरफपुर में रहने वाले अपने मामा और उसके परिजन को भी अपनी साजिश में शामिल किया।
आर्य ने बताया कि योजना के तहत प्रिंस यादव ने अपने मामा के बेटे सर्वेश के साथ नौ नवम्बर को भैरव धाम घूमने के लिए आराधना को उसके घर से लिया और एक रेस्टोरेंट ले गया। उसके बाद वह वहां से अपने मामा के गांव स्थित गन्ने के खेत में आराधना को जबरन खीचकर ले गया, जहां सर्वेश और प्रिंस ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दिया। उन्होने बताया कि गन्ने के खेत में ही पहले से रखे लकड़ी के बोटे पर बांके से उसके शव के छह टुकड़े किए और पालिथीन में पैक किया। इसके बाद गौरीपुरा गांव के पास शव को कुएं फेका जबकि उसके सिर को वहां से कुछ दूर स्थित एक तालाब के पास फेंक दिया।