कुलपति पद की आवेदक आकलन समिति का गठन नियमानुसार नहीं हुआ : पंजाब के राज्यपाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 23, 2023

पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने दावा किया है कि पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति पद के वास्ते आवेदकों का आकलन करने के लिए समिति का गठन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुसार नहीं किया गया था। राज्यपाल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने आईके गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय, जालंधर के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार की समिति द्वारा उन्हें भेजे गए तीन नामों में से पीटीयू के कुलपति के रूप में सुशील मित्तल की नियुक्ति को मंजूरी दी थी, जहां दो साल से यह पद खाली था। पुरोहित ने कहा, ‘‘मुझे तीन नाम भेजे गए थे और मैंने उनमें से उन्हें चुना जिन्हें मैं इस पद के लिए सबसे योग्य समझता था।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने अखबारों में एक विज्ञापन प्रकाशित किया था और कुलपति के पद के लिए 40 आवेदन मिले थे, ‘‘लेकिन किसी को भी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। उन्होंने तीन नाम चुने और उन्हें मुझे भेजा।’’ पुरोहित ने कहा, ‘‘दो साल से विश्वविद्यालय में कोई कुलपति नहीं था। इस स्तर पर मैं क्या करता? अगर मैंने इसे वापस भेज दिया होता, तो इसका मतलब यह होता कि बात (कुलपति की नियुक्ति) लंबे समय तक, एक या डेढ़ साल तक टलती रहती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैंने समिति के भेजे तीन नाम में से एक को चुना।’’ राज्यपाल ने बताया कि यूजीसी के नियमों के अनुसार, खोज-सह-चयन समिति के सदस्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे ‘‘लेकिन वर्तमान मामले में इसमें उल्लंघन पाया गया’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘इन बिंदुओं का मैंने फाइल में उल्लेख किया है।

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