राजनीतिक घमासान: फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर भड़के अखिलेश यादव, भाजपा पर लगाया 'समाज को अपमानित' करने का आरोप

By रेनू तिवारी | Feb 08, 2026

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई फिल्म को लेकर उबाल आ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा एक सोची-समझी साजिश के तहत विशिष्ट समाजों को लक्षित कर उन्हें अपमानित करने का काम कर रही है। यह विवाद ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्म/वेब सीरीज ‘‘घूसखोर पंडत’’ को लेकर है, जिसके शीर्षक और सामग्री पर ब्राह्मण समाज को अपमानित करने के आरोप लग रहे हैं। माना जा रहा है कि यादव ने यह टिप्पणी ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘‘घूसखोर पंडत’’ के संदर्भ में की है। हालांकि उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से फिल्म के नाम का जिक्र नहीं किया है।

इसे भी पढ़ें: Pakistan-India Diplomatic Dispute | पाकिस्तान के गृहमंत्री का बेतुका आरोप, भारत हमारे देश में उग्रवादी संगठनों की मदद कर रहा

 

राजधानी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को फिल्म/वेब सीरीज ‘‘घूसखोर पंडत’’ के निदेशक और उनकी टीम के ख़िलाफ़ एक जाति विशेष (ब्राह्मण) को अपमानित करने और वैमनस्यता फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। सपा अध्यक्ष यादव ने कहा कि वर्तमान में जिस फिल्म को लेकर मुद्दा बना है, उसके नाम का उल्लेख करना भी संभव नहीं है क्योंकि फ़िल्म का शीर्षक केवल आपत्तिजनक नहीं, बेहद अपनानजनक भी है।

इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Security Review | सेना प्रमुख ने आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा की, उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की

उन्होंने कहा कि उस फ़िल्म का नाम लिखने से भाजपा का उस समाज का तिरस्कार करने का उद्देश्य और भी अधिक पूरा होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ भाजपा हमेशा से ये षड्यंत्र करती है कि वो किसी समाज के कुछ लोगों का दुरुपयोग, उसी समाज के खिलाफ करती है। इससे वो किसी समाज विशेष को लक्षित, चिह्नित , टारगेट करके अपमानित-आरोपित’ करती है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा कभी ये काम बयानबाज़ी से करती है और कभी बैठकों पर नोटिस देकर, कभी अपना पैसा लगाकर विज्ञापन, प्रचार सामग्री या फ़िल्म बनवाकर। और जब विवाद बढ़ जाता है तो गिरगिट की तरह रंग बदलकर घड़ियाली आंसू बहाती है और दिखावे के लिए सामने आकर झूठी कार्रवाई का नाटक करती है। सच तो ये है कि वो लक्षित किये हुए समाज विशेष को अपमानित-उत्पीड़ित देखकर मन-ही-मन बहुत ख़ुश होती है।’’

यादव ने उक्त फिल्म को नाम बदलकर भी रिलीज नहीं करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘जब निर्माताओं को आर्थिक हानि होगी, तभी ऐसी फ़िल्में बनना बंद होंगी क्योंकि पैसे के लालच में भाजपा का एजेंडा चलानेवाले भी भाजपाइयों की तरह पैसे को छोड़कर किसी और के सगे नहीं हैं। ये ‘रचनात्मक स्वतंत्रता’ या ‘क्रिएटिव लिबर्टी’ के हनन की बात नहीं है, ये ‘रचनात्मक समझ’ या कहिए ‘क्रिएटिव प्रुडेंस’ की बात है कि पूर्वाग्रह से ग्रसित जो फ़िल्म किस एक पक्ष की भावनाओं को, एक सोची-समझी साज़िश के तहत आहत करे वो मनोरंजन कैसे हो सकती है।’’

उन्होंने कहा, और अगर उद्देश्य मनोरंजन नहीं है तो किसी एक समाज को बदनाम करने के एजेंडे के पीछे के एजेंडे का खुलासा भी होना ही चाहिए।’’ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी शुक्रवार को फ़िल्म ‘घूसखोर पंडत’ में ब्राह्मण समाज के कथित अपमान को लेकर निंदा करते हुए सरकार से मांग की थी कि इस जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिये।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

सरकारी खरीद होगी और आसान, GeM Portal का Mega Upgrade, 10 गुना ज़्यादा लोड संभालेगा

मुजफ्फरनगर दंगा: हत्या व आगजनी के मामले में साक्ष्य के आभाव में 22 आरोपी बरी

Modi in Malaysia: Kuala Lumpur दौरा बना ख़ास, IMPACT विज़न से बदलेगी India-Malaysia की दोस्ती, 2026 तक का Master Plan तैयार

India-Malaysia Talks | भारत-मलेशिया संबंधों में नया सवेरा: PM मोदी और अनवर इब्राहिम के बीच रक्षा एवं सेमीकंडक्टर पर व्यापक समझौता