By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 18, 2023
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी दल टिपरा मोथा ने स्थानीय लोगों को गुमराह करने के लिए आदिवासियों के लिए एक अलग राज्य की मांग उठाई है। टिपरा मोथा के नाम का उल्लेख किए बिना साहा ने सभी मूल जनजातियों के प्रमुखों के एक सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार उनके कल्याण के लिए 5000 करोड़ रुपये खर्च करेगी ना कि 600 करोड़ रुपये जैसा कि विपक्षी दल ने दावा किया है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में कहा, अगर कोईअपनी समस्याओं का उल्लेख करेगा तो हम जरूर उनका निपटारा करेंगे। लेकिन लोगों को बांटकर राज करने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साहा का यह बयान पूर्वोत्तर के गृह मंत्रालय के सलाहकार ए के मिश्रा द्वारा नई दिल्ली में टिपरा मोथा के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने के कुछ सप्ताह बाद आया है।
साहा ने कहा, वे (टिपरा मोथा) कह रहे हैं कि राज्य सरकार ने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) को केवल 600 करोड़ रुपये दिए हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि स्थानीय जनजातियों के कल्याण के लिए 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अप्रैल 2021 में हुए टीटीएएडीसी चुनाव में टिपरा मोथा ने 28 सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल की थी और परिषद में सत्तारूढ़ भाजपा विपक्ष में है। साहा ने कहा कि पूर्वात्तर राज्य में वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से बड़े पैमाने पर विकास हुआ है।