मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की नीतियों से अब गांव के बच्चों को अब मिलेगी कॉन्वेंट स्तर की विश्वस्तरीय शिक्षा: सिंधिया

By प्रेस विज्ञप्ति | Feb 04, 2026

अशोकनगर/गुना/भोपाल। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने भोपाल-अशोकनगर प्रवास के आखिरी दिन पिपरई में ₹32 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले ‘सांदीपनि सी.एम. राइज स्कूल’ का उद्घाटन किया। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने आज चंदेरी में शिशु मंदिर का भी उद्घाटन किया और माधव महाविद्यालय में अपने पिता स्व. माधवराव सिंधिया सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण एवं नई माधव साइंस कॉलेज बिल्डिंग का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि गाँव के बच्चों के सपनों, संभावनाओं और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।


गाँव के बच्चों को समान अवसर

समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि पिपरई में स्थापित यह स्कूल यह सुनिश्चित करेगा कि गाँव का बच्चा भी वही संसाधन, वही गुणवत्ता और वही अवसर पाए जो देश के बड़े महानगरों के बच्चों को मिलते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी द्वारा इन स्कूलों का नाम ‘सांदीपनि’ रखने को अत्यंत सार्थक बताया, क्योंकि महर्षि सांदीपनि भगवान श्री कृष्ण के गुरु थे और ऐसे शिक्षालय बच्चों को ‘सर्व गुण सम्पन्न’ बनाने की प्रेरणा देंगे।


आधुनिक सुविधाएँ और व्यावसायिक शिक्षा का संगम

सिंधिया ने बताया कि ₹32 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान, गणित और भाषा के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएँ, तथा नवीन शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि तकनीकी और व्यावहारिक कौशल भी प्राप्त करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ‘रोजगार सृजन करने वाले’ बन सकें।


चंदेरी में शिक्षा और विरासत को समर्पित महत्वपूर्ण पहल

इससे पहले केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आज चंदेरी में ₹30 लाख की लागत से निर्मित शिशु मंदिर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने माधव महाविद्यालय परिसर में अपने पिता स्व. माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया तथा नई माधव साइंस कॉलेज भवन का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सशक्त करने के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को सम्मान देने का संदेश दिया गया।


संस्कार, संस्कृति और जिम्मेदार नागरिकता

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। इस विद्यालय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा जाएगा, ताकि वे ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण की भी मजबूत नींव प्राप्त कर सकें।


नया भारत: ज्ञान और तकनीक का संगम

अपने संबोधन में सिंधिया ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP) विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी स्कूल से भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और देश का नेतृत्व करने वाले कर्णधार निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार में प्रदेश में नौनिहालों की शिक्षा को लेकर बड़े कदम उठाये जा रहे हैं।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Hit and Run राजनीति खत्म, CM Himanta का पलटवार, Gaurav Gogoi पर करेंगे मानहानि का केस

Azerbaijan से भारत के रिश्ते होंगे और मजबूत, Abhay Kumar ने संभाला Ambassador का चार्ज

संसद में बवाल: Nishikant Dubey की मांग- 2014 से पहले की किताबों पर हो चर्चा, खुलेगी Congress की पोल

हवा में धधका Turkish Airlines का इंजन, 236 यात्रियों की अटकी सांसें, Kolkata में हुई Emergency Landing