मोदी सरकारी फैसला: डीजल और एटीएफ के निर्यात पर बढ़ा 'विंडफॉल टैक्स', पेट्रोल पर मौजूदा दरें बरकरार

By रेनू तिवारी | Jun 16, 2026

केंद्र सरकार ने देश से होने वाले ईंधन निर्यात (Fuel Export) को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोमवार को डीजल और विमान ईंधन (ATF - एविएशन टरबाइन फ्यूल) के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स / SAED) में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, टैक्स की ये नई दरें 16 जून से शुरू होने वाले नए पखवाड़े (Fortnight) से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात शुल्क और घरेलू खपत वाले ईंधन पर टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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आम जनता पर क्या होगा असर?

इस फैसले का सीधा असर देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों (Retail Prices) पर नहीं पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या होता है विंडफॉल टैक्स?

जब तेल रिफाइनिंग कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों या ऊंचे मार्जिन के कारण उम्मीद से कहीं अधिक अप्रत्याशित लाभ (Windfall Profit) कमाती हैं, तो सरकार उस मुनाफे के एक हिस्से पर विशेष टैक्स लगाती है। इसे ही 'विंडफॉल टैक्स' या विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) कहा जाता है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना भी होता है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और सरकार राजकोषीय स्थिति तथा घरेलू बाजार की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। 

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