By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 30, 2021
नयी दिल्ली। कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने शु्क्रवार को लोकसभा में पेगासस जासूसी मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की जबकि सरकार ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विषय पर संसद में बयान दिया है जिसपर विपक्षी दल अब भी स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निचले सदन में कहा कि सदन को नहीं चलने देना दुर्भाग्यपूर्ण है और कई ऐसे मुद्दे हैं जो जनता से जुड़े हैं तथा सरकार इन पर चर्चा को तैयार है। कार्यवाही शुरू होने पर सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा करने की मांग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों का अधिकार होता है, इसमें बाधा नहीं आनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा,‘‘ आप (लोकसभा अध्यक्ष) जिस तरह से काम करने को कहेंगे, हम इसके लिये तैयार हैं।’’ प्रह्लाद जोशी ने कहा कि संसद को नहीं चलने दिया जा रहा है और ऐसा आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है। शुक्रवार लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार इस बात पर सहमत थी कि वैष्णव के बयान के बाद विपक्षी दल स्पष्टीकरण मांग सकते हैं और ये दल अभी भी ऐसा कर सकते हैं। इस बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा कि राजनीतिक कारणों से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस जैसे दल संसद का समय बर्बाद कर रहे हैं। ठाकुर ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है। हम चाहते हैं कि विपक्षी जनता से जुड़े मुद्दे उठाये और सरकार जवाब देगी। लेकिय यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी दल हंगामा कर रहे हैं तथा आसन एवं मंत्रियों पर कागज फेंक रहे हैं। ’’
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में अपने बयान में कहा था किसंसद के मॉनसून सत्र से एक दिन पहले प्रेस रिपोर्टों का आना संयोग नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा था कि यह भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। पेगासस जासूसी मामले एवं तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दों पर मॉनसून सत्र में लोकसभा में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच नौंवे दिन भी गतिरोध बना रहा और विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण शुक्रवार को सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद करीब 12:15बजे दिनभर के लिये स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर तीन कृषि कानूनों को समाप्त करने एवं पेगासस मुद्दे की जांच कराने संबंधी मांगें लिखी हुई थीं।