By दिनेश शुक्ला | Sep 25, 2019
केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन अधिनियम 2019 के तहत बनी नई परिवहन नीति को लेकर जहां कई राज्य सरकारें बड़े अर्थदंड को लेकर असमंजस की स्थिति में है। तो वहीं अब नई परिवहन नीति को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कमलनाथ सरकार से पूछा है कि अब तक नई परिवहन नीति क्यों लागू नहीं की गई। जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस आरएन झा एवं जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और परिवहन आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अन्य कई राज्यों की तरह मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने भी केंद्र के नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू करने से पहले इस पर विचार कर संशोधन के बाद लागू करने की बात कही है। लेकिन एक माह बीतने वाला है अभी तक राज्य में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं किया गया है। जिसको लेकर डॉ पीजी नाज पांडे ने मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। जिसको लेकर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार से पूछा है, कि नई परिवहन नीति अब तक लागू क्यों नहीं की गई। जनहित याचिका को लेकर अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।
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केंद्र की मोदी सरकार ने संशोधित केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट अधिनियम 2019 को 01 सितंबर 2019 से पूरे देश में लागू कर दिया था। लेकिन कई राज्य सरकारों ने इस पर अभी तक अमल नहीं किया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने बताया कि केंद्र द्वारा लागू किया गया संशोधित एक्ट राज्य सरकार को लागू करना अनिवार्य है। कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अभी तक नई परिवहन नीति लागू नहीं की है। जबकि बीजेपी शासित महाराष्ट्र ने भी इसका विरोध किया है।