By Ankit Jaiswal | Sep 02, 2026
लियोनल मेसी के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदा लेने के साथ एक बार फिर वही पुरानी बहस चर्चा में है मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो, आखिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कौन रहा? 21 साल तक अर्जेंटीना की जर्सी में नजर आए मेसी ने 207 मुकाबलों में 125 गोल के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सफर को अलविदा कहा। उनका आखिरी मुकाबला 2026 विश्व कप का फाइनल रहा, जहां अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों 0-1 से हार मिली। हालांकि, मेसी ने फुटबॉल से संन्यास नहीं लिया है और क्लब स्तर पर खेलते रहेंगे।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार मेसी ने 65 गोल में सहायता की है, जबकि रोनाल्डो के नाम 37 सहायता हैं। गोल और सहायता को मिलाकर कुल योगदान की बात करें तो मेसी हर 90.1 मिनट में किसी गोल में सीधे योगदान देते हैं, जबकि रोनाल्डो को इसके लिए औसतन 101.4 मिनट लगते हैं। यानी गोलों की संख्या में पीछे होने के बावजूद मेसी का समग्र आक्रमण प्रभाव ज्यादा नजर आता है।
खेल बनाने की क्षमता में भी मेसी का पलड़ा भारी है। उनके नाम 438 सफल ड्रिबल हैं, जबकि रोनाल्डो 142 सफल ड्रिबल के साथ पीछे हैं। गोल के लिए अहम पास देने के मामले में भी मेसी 294-154 से आगे हैं। वहीं रोनाल्डो ने ज्यादा शॉट लिए हैं और निशाने पर भी उनके शॉट ज्यादा रहे हैं। दाएं पैर से गोल, सिर से किए गए गोल और हवाई मुकाबलों में रोनाल्डो की ताकत साफ दिखाई देती है, जबकि मेसी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोलों में 111 बाएं पैर से आए हैं।
पेनल्टी और फ्री किक में भी मेसी का रिकॉर्ड बेहतर बताया जाता है। उन्होंने 32 पेनल्टी में 25 गोल किए, जबकि रोनाल्डो ने 33 में 23 पेनल्टी को गोल में बदला। फ्री किक से मेसी ने 12 और रोनाल्डो ने 11 गोल किए हैं। हैट्रिक के मामले में भी मेसी 11-10 से आगे हैं।
बड़े टूर्नामेंटों में मेसी का प्रभाव और मजबूत नजर आता है। विश्व कप में उन्होंने 34 मुकाबलों में 21 गोल और 12 सहायता दर्ज की है, जबकि रोनाल्डो ने 27 मैचों में 11 गोल और दो सहायता की हैं। प्रमुख टूर्नामेंटों के नॉकआउट चरण में भी मेसी के गोल और सहायता के आंकड़े रोनाल्डो से बेहतर हैं। हालांकि विश्व कप क्वालिफायर में रोनाल्डो का प्रदर्शन मजबूत रहा है। उन्होंने 52 मुकाबलों में 41 गोल किए हैं, जबकि मेसी ने अधिक मैचों में 36 गोल किए।
ट्रॉफियों की कहानी में दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने देश को गौरव दिलाया है। रोनाल्डो ने पुर्तगाल के साथ 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप जीती। 2019 और 2025 में वह राष्ट्र लीग जीतने वाली पुर्तगाल की टीम का हिस्सा रहे। 2025 के फाइनल में उन्होंने स्पेन के खिलाफ 40 साल की उम्र में गोल भी किया था। वहीं मेसी ने 2021 कोपा अमेरिका, 2022 फिनालिसिमा, 2022 विश्व कप और 2024 कोपा अमेरिका जीता। उन्होंने 2008 ओलंपिक में स्वर्ण पदक और 2005 अंडर-20 विश्व कप भी जीता था।
गौरतलब है कि मेसी का अंतरराष्ट्रीय सफर शुरुआत में उतना आसान नहीं रहा था। 2007, 2015 और 2016 में कोपा अमेरिका तथा 2014 विश्व कप के फाइनल में उन्हें हार मिली। इसके बाद 2021 में कोपा अमेरिका जीतने के साथ उनका लंबा इंतजार खत्म हुआ। अगले ही साल उन्होंने अर्जेंटीना को विश्व कप जिताया और 2024 में कोपा अमेरिका खिताब भी अपने नाम किया।
रोनाल्डो की कहानी भी संघर्ष और वापसी से भरी रही है। 2004 में यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में पुर्तगाल को ग्रीस से हार मिली थी। 2016 में चोट के कारण वह फाइनल में जल्दी मैदान से बाहर हो गए, लेकिन पुर्तगाल ने फ्रांस को हराकर खिताब जीत लिया।
अब रोनाल्डो का करियर भी अंतिम दौर में माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया है कि मौजूदा सत्र उनका आखिरी सत्र हो सकता है। हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर संन्यास की घोषणा नहीं की है। ऐसे में आने वाले समय में यह बहस और तेज हो सकती है। आंकड़े बताते हैं कि रोनाल्डो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सबसे बड़े गोल मशीनों में हैं, जबकि मेसी गोल करने के साथ खेल बनाने और साथियों को मौके देने वाले अधिक बहुआयामी खिलाड़ी के रूप में सामने आते हैं। दोनों की उपलब्धियां इतनी बड़ी हैं कि अंतिम फैसला आंकड़ों से ज्यादा देखने वाले की नजर पर निर्भर करता है और यही वजह है कि मेसी बनाम रोनाल्डो की बहस आज भी फुटबॉल की सबसे चर्चित बहसों में शामिल हैं।