लॉकडाउन का अगला चरण संभवत: स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से होगा: शिवराज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 16, 2020

नयी दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि लॉकडाउन का अगला चरण संभवत: स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से होगा। उन्होंने गरीबों की समस्याओं के बारे में बात की और कहा कि आर्थिक गतिविधियों को भी फिर से शुरू करना होगा। चौहान ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पत्रकारों से बात करते हुए राज्यों के बीच समन्वय का आह्वान किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचने के लिए परिवहन उपलब्ध हों और वे उत्तर प्रदेश में शनिवार को हुई सड़क दुर्घटना जैसे हादसों से बच सकें। उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना में 24 लोगों की मौत हुई है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाये गये लॉकडाउन के कारण वित्तीय स्थिति खराब होने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक बड़े शहरों से कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांवों की ओर रवाना हो रहे हैं। चौहान ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए एक हजार बसों की व्यवस्था की है और मध्य प्रदेश सीमा पर उन श्रमिकों को उनके गंतव्य स्थलों तक छोड़ा है जो अन्य राज्यों से हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह मध्य प्रदेश में हैं, तब तक किसी भी मजदूर को सड़कों पर नहीं चलना पड़ेगा और न ही भूखा रहना पड़ेगा। मध्य प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से समन्वय कर रही है, जहां से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक आते हैं। लॉकडाउन का तीसरा चरण रविवार को समाप्त हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘‘पूरी तरह से नये रंग रूप वाले लॉकडाउन-4.0’’ की बात की थी। चौहान ने कहा कि कोविड-19 से निपटते हुए अब आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि गरीब लोग और लघु उद्योग से जुड़े लोग लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें कोरोना वायरस से लड़ना होगा और आर्थिक गतिविधियों को तेजी से शुरू करने के लिए भी कदम उठाने होंगे।’’ उन्होंने कहा कि ‘रेड जोन’ में आर्थिक गतिविधियों को सख्त नियमों के तहत शुरू किया जायेगा। चौहान ने कहा कि हालांकि भीड़ को एकत्र नहीं होने दिया जायेगा और मॉल तथा सिनेमा हॉल जैसे स्थान बंद रहेंगे। धार्मिक और राजनीतिक सभाओं पर रोक जारी रहेगी और लोगों को ईद का त्यौहार अपने घरों में मनाने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) द्वारा उनकी सरकार के श्रम सुधारों के कड़े विरोध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये कदम श्रमिकों के हित में उठाये गये है और वह इस संबंध में बीएमएस से बात करते रहेंगे। 

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