By दिनेश शुक्ल | Nov 19, 2020
भोपाल। मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सतना जिले में कुछ महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बावजूद नसबंदी का ऑपरेशन किए बिना लौटाए जाने पर संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने कलेक्टर सतना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सतना एवं संचालक, लोक स्वास्थ्य संचालनालय, भोपाल से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है।
इधर सर्जन एस.एम. पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कोविड-19 प्रोटोकाल के विपरीत सभी ऑपरेशन करने का दबाव बनाया जा रहा था। ऑपरेशन नहीं करने पर कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करा दिया गया। इधर, सी.एम.एच.ओ डॉ. अशोक कुमार अवधिया ने डॉ. पाण्डेय को नोटिस जारी किया है। तो वही डीएचओ डॉ. चरण सिंह के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है।