By अंकित सिंह | May 06, 2022
अदालत के आदेश पर वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में आज वीडियोग्राफी और सर्वे करने के लिए एक टीम पहुंची है। जैसे ही यह टीम मस्जिद परिसर के आस पास पहुंची, वहां जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। सर्वे करने के लिए कोर्ट कमिश्नर सहित हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वादी और वकीलों ने भी अंदर प्रवेश किया। हालांकि गेट नंबर 4 के बाहर कुछ युवाओं ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि यह सभी युवा मुस्लिम समुदाय के थे जिसके बाद से दूसरे पक्ष से भी नारेबाजी शुरू हो गई। हालांकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि पहले हर-हर महादेव के नारे लगे। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष ने यह भी कह दिया कि हम कब तक चुप रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि वाराणसी के सिविल जज सिनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने 26 अप्रैल को अपने पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए ईद के बाद और 10 मई के पहले काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर सहित अन्य स्थानों पर भी आयोग (कमीशन) की कार्रवाई और वीडियोग्राफी का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि कमीशन की कार्यवाही के दौरान वकील कमिश्नर, पक्षकार के अलावा एक एक सहयोगी रह सकते हैं। अदालत के निर्देश के अनुसार छह और सात मई को मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण कराये जाने का फैसला लिया गया है। वाराणसी के अधिवक्ता दुर्गेश यादव ने बताया कि कमीशन कार्रवाई के लिए अदालत कमिश्नर नियुक्त करता है जो मामले की जांच कर अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।