By मनोज गोयल | Feb 04, 2026
राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा ने अमृत काल में विकसित भारत के दृष्टिगत विगत एक दशक से जारी अनवरत समावेशी विकास के तहत एनडीए सहयोगियों को भरोसे में लेकर जिस प्रकार से आम बजट 2026-27 को प्रस्तुत किया, उसमें आरएसएस की जनोन्मुखी सोच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सियासी दूरदर्शिता और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आर्थिक शिल्पकारिता का सटीक संदेश मिलता है। इससे विगत 12 वर्षों से जारी चतुर्दिक विकास को और अधिक बढ़ावा मिलेगा, और सियासी संसारमें मजबूत भारत का डंका बजेगा। भारत अब अमेरिका और चीन से प्रतियोगिता करेगा और राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के कठिन परिश्रम से अगले दशक तक उन्हें भी मात देगा। दुनियादारी के विशेषज्ञों की टिप्पणियों से भी इस बात की तस्दीक की जा सकती है।
वर्तमान बजट में समाज के सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ खास जरूर है, जिससे सबका साथ, सबका विकास जैसी लोकतांत्रिक जनभावना को जनविश्वास हासिल होता है और सरकार को मजबूती मिलती है। सरकार ने कोशिश की है कि युवाओं, किसानों, महिलाओं, कामगारों, उद्यमियों और बुजुर्गों के निजी व सार्वजनिक हितों का संबर्धन होता रहे। मौजूदा बजट हमारे लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की प्रगति करता है, देश में उत्पादन क्षमता में वृद्धि करता है, पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में काम करने वालों के उज्ज्वल भविष्य को मजबूत बनाता है, नए रोजगार और कौशल बढ़ाता है, जिससे निश्चय ही विकास की गति तेज होगी। इसलिए मैं इस बजट को विकसित भारत 2047 के स्वर्णिम भविष्य के लिए तैयार युवा बजट कहूंगा। क्योंकि यह वास्तव में एक ऐसा बजट है जो भारत की जरूरत और लक्ष्य को हासिल करने की नींव रखता है।
जैसा कि हमारे दिग्गज नेताओं ने एक स्वर से कहा भी है कि यह आम बजट देश और इसकी जनता के अरमानों को पंख लगाता है, जिससे गरीब, युवा और बेरोजगार सबको आगे बढ़ने के सुनिश्चित साधन मिलते हैं। चूंकि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास और भरोसा करती है, इसलिए बजट का मुख्य उद्देश्य विकास और प्रगति दोनों है, क्योंकि इसमें देश और उसकी जनता की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाया गया है।इसके सभी प्रावधान आम जनता के लिए ही बनाए गए हैं। इसलिए आम बजट 2026-27 विकास और प्रगति पर केंद्रित बजट है। जिससे देश के लोग खुश हैं। इस बजट की सियासी आलोचना के अलावा अन्य की कोई गुंजाइश नहीं है। इससे मोदी है तो मुमकिन है, का भाव और मजबूत हुआ है।
वाकई संसद में पेश केंद्रीय बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण जोशीला अगला कदम है, जो गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं समेत समाज के हर वर्ग की जरूरत पूरी करता है और उनकी व्यापक भलाई सुनिश्चित करता है। यह युवा बजट पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी कार्यकुशल सियासी व प्रशासनिक टीम पर लोगों के अटूट भरोसे को दिखाता है। यह इस बजट के हर पहलू में साफ दिखता है।
सच कहूं तो भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई चौथी अर्थव्यवस्था है, जिसे शीघ्र ही तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के निमित्त यह बजट प्रस्तुत किया गया है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक बढ़ावा मिलेगा और रोजगार सृजन में तेजी आएगी। इस प्रकार यह बजट स्पष्ट रूप से भविष्य में भारत को और अधिक समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाता है। जब महज 12 वर्षों के भाजपा और राजग शासनकाल में भारत, अमेरिका और चीन को रणनीतिक कूटनीतिक स्वायत्तता जैसी टक्कर देने की स्थिति में पहुंच चुका है तो अगले 10 वर्षों और खासकर विकसित भारत 2047 तक भारत की अंतरराष्ट्रीय हैसियत क्या होगी, समझना मुश्किल नहीं है।
- मनोज गोयल
भाजपा नेता व पूर्व पार्षद, नगर निगम गाजियाबाद