निज्जर हत्याकांड में सबसे बड़ा खुलासा: अमेरिकी अदालत में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर आरोप तय, ऑपरेशन हार्डबॉ के तहत दुनिया भर में गिरफ्तारियां

By रेनू तिवारी | Jul 08, 2026

कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अपराध जगत में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिका ने भारत की जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके मुख्य सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या की साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया है। लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को पेश किए गए एक आधिकारिक आरोपपत्र (Indictment) में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस खुलासे के साथ ही अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर एक वैश्विक स्तर का साझा सैन्य और खुफिया अभियान चलाया है, जिसे ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ (Operation Hardball) नाम दिया गया है। इसके तहत अब तक 24 लोगों को दबोचा जा चुका है।

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इन गिरोहों पर निज्जर की हत्या समेत हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं। लॉस एंजिलिस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अमेरिका के प्रथम सहायक अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा, ‘‘ये आपराधिक गिरोह चाहे कहीं भी सक्रिय हों, अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करेंगी। ये अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिप नहीं पाएंगे।’’ निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में खटास आ गई थी। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या के पीछे भारत सरकार की भूमिका होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को ‘‘बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित’’ बताते हुए खारिज कर दिया था।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली संघीय जांच का नतीजा है जिसमें भारत से संचालित अपराध गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि ये गिरोह जबरन वसूली, सुनियोजित हत्याओं, गोलीबारी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल रहे हैं। मंगलवार को पेश किए गए तीन अलग-अलग आरोपपत्रों में कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेलों में बंद रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। अमेरिका में गिरफ्तार किए गए लोगों में 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया से पकड़ा गया है। इन सभी को बुधवार को संघीय अदालत में पेश किया जा सकता है। इसके अलावा, तीन आरोपियों को कनाडा और एक को स्पेन में गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात आरोपी पहले से ही हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां अभी 10 फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। इनमें सात अमेरिका, दो भारत और एक यूरोप में बताए गए हैं। लॉरेंस बिश्नोई पहले से ही भारत की जेल में बंद है, जबकि उसका सहयोगी गोल्डी बराड़ अब भी फरार है।

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