सत्तापक्ष व प्रतिपक्ष की विचारधाराओं में अंतर हो सकता हैं, मगर वैमनस्य नहीं होना चाहिए: राष्ट्रपति

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 06, 2022

लखनऊ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के संयुक्त्त सत्र को संबोधित करते हुए यहां सोमवार को कहा कि लोकतंत्र में सत्तापक्ष एवं प्रतिपक्ष की विचारधाराओं में अंतर हो सकता है, परंतु दोनों पक्षों में वैमनस्य नहीं होना चाहिए। कोविंद ने कहा कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष का कर्तव्य है। उन्होंने दोनों सदनों के सदस्यों से कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश विधानमंडल में सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के बीच गरिमापूर्ण सौहार्द का गौरवशाली इतिहास रहा है।

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उन्होंने उम्मीद जताई कि आज से 25 वर्ष बाद, जब देशवासी आजादी की शताब्दी का उत्सव मना रहे होंगे, तब उत्तर प्रदेश विकास के मानकों पर भारत के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो चुका होगा और देश विश्व समुदाय में विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला सदस्यों की 47 है, जो सदस्यों की कुल संख्या यानी 403 का 12 प्रतिशत है। वहीं, विधान परिषद में कुल 100 सदस्यों में महिलाओं की संख्या सिर्फ पांच है, जिसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है।’’ इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ औकर विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव समेत सदन के सदस्य शामिल हुए।

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