ऑपरेशन सिंदूर पर मात्र विराम है पूर्ण विराम नहीं, राजनाथ बोले- वह दिन दूर नहीं जब PoK...

By अंकित सिंह | Jul 29, 2025

राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि अभी कल ही, लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान, मैंने इस बात का जिक्र किया था, कि लोकतंत्र में जनता द्वारा विपक्ष को यह दायित्व सौंपा जाता है, कि वह सरकार से उचित प्रश्न पूछे । खैर विपक्ष ने जो प्रश्न पूछे, उनका जिक्र मैं कल कर चुका हूं। आज मैं एक और बात आपसे कहना चाहूंगा, कि लोकतंत्र में जनता द्वारा विपक्ष को, प्रश्न पूछने के अलावा, एक और जिम्मेदारी दी जाती है। और वह जिम्मेदारी है, कि अगर विपक्ष को, सत्ता पक्ष की कोई नीति या कारवाई अनुचित प्रतीत हो, तो उसके स्थान पर एक वैकल्पिक नीति या कार्य योजना का प्रस्ताव करना है।

राजनाथ ने कहा कि जब हमारे विपक्ष के साथी सत्ता में थे तो आतंकी हमले होने पर, वे ऐसे ही कदम उठाया करते थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगो को लगता है कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं, तो उनसे केवल बातचीत करनी चाहिए। इस परमाणु झांसा के कारण, हमने न जाने कितने नागरिकों को खो दिया। हमारा विजन है कि हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि आज नाग पंचमी है। नाग पंचमी के दिन नागों को दूध पिलाना उचित है, परंतु रोज़ नहीं। हमारा विजन है कि ऑपरेशन सिंदूर सतत चलता रहे। बीच में इसके विराम भले हो सकता है लेकिन पूर्ण विराम कभी नहीं होगा। 

उन्होंने कहा कि आज जब मैं देश के अलग-अलग हिस्से में जाता हूं, तो मुझे भारतीय जनता का, भारतीय जनता पार्टी के इस vision के प्रति अटूट विश्वास दिखाई पड़ता है। पर विपक्ष क्या चाहता है, यह अभी भी समझ के बाहर है। जब आप सत्ता में थे तो आपकी नीति पक्षाघात ने देश को नुक़सान पहुंचाया। और आज जब आप विपक्ष में हैं तो आपकी नीति दिवालियापन देश के लिए और लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। 

विपक्ष की ओऱ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मित्र यह भी कह रहे हैं, कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमें पाक अधिकृत कश्मीर यानी PoK पर कब्जा कर लेना चाहिए था। जब मैं विपक्ष के अपने साथियों से यह बातें सुनता हूं, तो मुझे आश्चर्य होता है, कि ये लोग मन से यह बातें कर रहे हैं, या फिर सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। ख़ैर, जो भी हो, हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी का और खुद मेरा भी यह मानना रहा है, कि वह दिन दूर नहीं, जब पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों को भारतीय शासन व्यवस्था का अंग बनने का सौभाग्य प्राप्त होगा। 

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज सारी दुनिया जान चुकी है कि पाकिस्तान आतंकवाद का मुख्य केन्द्र है। जिस देश ने आतंक को अपनी State Policy का औज़ार बना लिया हो, उसके लिए लम्बे समय तक यह खेल खेलना संभव नही है। जो लोग सांपों को अपने घर में पालते हैं,एक दिन वह सांप उन्हें भी डस लेता है। आतंकवाद का यह कारोबार आज पाकिस्तान को महंगा पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानवता के सामने जितनी भी भयावह महामारियाँ आईं, वह देर-सवेर खत्म हो ही गईं। आतंकवाद भी एक महामारी है, इसकी नियति भी यही है। लेकिन इसे अपनी मौत मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। क्योंकि जब तक आतंकवाद है, यह हमारी सामूहिक शांति, विकास और समृद्धि को चुनौती देता रहेगा। हमारे संसाधन इस आतंकवाद रूपी महामारी से लड़ने में बर्बाद होते रहेंगे। इसलिए आतंकवाद की इस समस्या का स्थायी समाधान बहुत ही आवश्यक है।

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राजनाथ ने कहा कि मैंने तो पहले भी पाकिस्तान को पहले भी सलाह दी थी और आज फिर कहना चाहता हूँ, कि अगर आपसे पाकिस्तान में आतंकवाद के ख़िलाफ़ प्रभावी कारवाई नहीं हो पा रही है तो भारत की मदद लीजिये। भारत की सेनाएँ आतंकवाद के ख़िलाफ़ सरहद के इस पार और उस पार प्रभावी कारवाई करने में सक्षम हैं। यह तो पाकिस्तान ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देख लिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान है कि एक ज़िद्दी बच्चे की तरह मानता ही नहीं है। इसलिए पूरी दुनिया के लिए यह ज़रूरी है कि पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर हर तरह का रणनीतिक, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाया जाये। हमारी सरकार ने आतंकवाद से निपटने के साथ साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नई सोच के साथ नई रणनीति अपनाई है। आज जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो उसके सबसे मजबूत स्तंभों में एक है हमारा रक्षा क्षेत्र। जब कोई राष्ट्र अपने सुरक्षा उपकरण, अपने हथियार, अपने लड़ाकू विमान और मिसाइलें खुद बनाना शुरू कर दे, तो वह न केवल खुद पर विश्वास करना सीखता है, बल्कि दुनिया को भी यह संदेश देता है, कि अब हम आत्मनिर्भर हैं, सक्षम हैं और किसी के मोहताज नहीं हैं। 

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