Election results 2024: आ सकता है रूझानों में भयंकर बदलाव! क्या धीमी गति से हो रही है काउंटिंग? कब तक करना होगा इंतजार

By अभिनय आकाश | Jun 04, 2024

सात चरणों के चुनाव के बाद अब काउंटिंग का काउंटडाउन सुबह के 8 बजे से शुरु हो चुका है। शाम के पांच बज चुके हैं। बीजेपी जीत रही है या इंडिया गठबंधन अभी तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। यदि आप सोच रहे हैं कि नतीजे आने में इतना समय क्यों लग रहा है, तो जरा ठहरिए। ये काउंटिंग की सामान्य गति है और भले ही टीवी चैनल सबसे तेज दिखाने के चक्कर में कुछ भी दावा करें और किसी सीट पर विजेताओं का नाम बताएं, चुनाव आयोग आखिरी वोट की गिनती होने तक किसी भी विजेता की घोषणा नहीं करता है। इसे थोड़ा तथ्यों के माध्यम से आपको और अधिक क्लीयर करते हैं। 

कब तक इंतजार करना होगा?

शाम 7 बजे के बाद ही बेहतर स्थिति का पता चल सकता है। 7 बजे तक अधिकांश संसद सीटों की गिनती 15 राउंड से अधिक हो चुकी होगी। मार्जिन कम होने से गिनती धीमी हो जाती है। कई सीटों पर तो देर रात भी हो सकती है। मध्य प्रदेश चुनाव 2018 में रात 9 बजे तक काउंटिंग चली थी। 

चुनाव आयोग की वेबसाइट टीवी चैनलों की तुलना में कम सीटों की गिनती क्यों दिखा रही है?

टीवी चैनलों के पास अपने स्वयं के एल्गोरिदम हैं जो मतगणना केंद्रों के आसपास खड़े पत्रकारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बढ़त और जीत का अनुमान लगाते हैं। लगभग 90% समय, वे सही होते हैं।

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लीड के बने रहने की कितनी संभावना है?

इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी कि ये परिणाम आम तौर पर वैसे ही बने रहेंगे।

क्या समय के लिए कोई रोक है?

ज़रूरी नहीं। वे आखिरी वोट का हिसाब आने तक गिनती करते रहेंगे। इसमें आधी रात तक का समय लग सकता है जैसा कि पहले भी कई मामलों में हुआ है।

क्या रि-काउंटिंग भी हो संभव है?

यदि किसी उम्मीदवार को लगता है कि इसके लिए कोई वैध कारण है तो वह रि-काउंटिंग का अनुरोध कर सकता है। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब जीत का अंतर वास्तव में कम होता है। हर लोकसभा चुनाव में ऐसी कुछ सीटें होती हैं। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस की सौम्या रेड्डी जयनगर निर्वाचन क्षेत्र में कई पुनर्गणना के बाद 16 वोटों से हार गईं, जहां उसी नाम का एक और उम्मीदवार था, जिसने उनकी हार के अंतर से अधिक वोट हासिल किए थे।

जब रुझानों में अचानक आया बदलाव?

बिहार राज्य चुनाव 2015 में लालू प्रसाद यादव की पार्टी के पक्ष में बढ़त दोपहर 3 बजे तक थी और फिर 20 मिनट के भीतर नाटकीय रूप से नीतीश की जीत में बदल गई। 2018 के कर्नाटक चुनाव में भी शुरुआती रुझान कुछ घंटों बाद बदल गए। 

नई सरकार को कब तक शपथ दिलानी होगी?

चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार, चुनाव 6 जून से पहले पूरे होने हैं। नई लोकसभा (18वीं) का गठन 16 जून तक होना है जब 17वीं लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होगा।

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