By अनन्या मिश्रा | Sep 07, 2026
उम्र के साथ-साथ कई सेहत संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। वहीं 40 की उम्र के बाद शरीर कमजोर होने लगता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ती उम्र में मांसपेशियों में दर्द, स्किन पर झुर्रियां, हड्डियों की समस्या और झाइयां आ जाती हैं। वहीं पुरुषों की तरह महिलाओं को भी सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन खानपान, लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज की आदत को अपनाकर आप भी लंबी उम्र तक सेहतमंद रह सकते हैं।
गोमुखासन के अभ्यास से साइटिका की समस्या ठीक हो सकती है। यह आसन हाई बीपी को कंट्रोल करने में मददगार होता है। गोमुखासन का अभ्यास करने से रीढ़ को लंबा करने, कंधों की जकड़न, तनाव व चिंता कम करने और पीठ की मसल्स को मजबूत करने में मदद मिलती है।
इस आसन का अभ्यास करने से कूल्हों और घुटने के जोड़ों को लचीला बनाता है। घुटनों और टखनों में खिंचाव लाता है और मजबूत करता है। यह पेट, रीढ़ और मूत्राशय को उत्तेजित करता है। यह मन को शांत रखने के साथ पाचन क्रिया को बेहतर करता है। महिलाएं भी इस आसन का अभ्यास कर सकती हैं। साइटिका और मासिक धर्म में होने वाली तकलीफ से भी राहत दिलाता है। इसके अलावा प्रेग्नेंसी में इस आसन के अभ्यास से प्रसव में आसानी होती है।
विपरीतकर्णी आसन का अभ्यास करने से पैरों को आराम मिलता है और मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करने से मानसिक और शारीरिक रूप से चिंता मुक्त हुआ जा सकती है। गठिया के मरीजों को इस आसन से आराम मिल सकता है।
इस आसन के अभ्यास से शरीर को जबरदस्त फायदे मिलते हैं। 40 की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करना चाहिए। इस आसन का अभ्यास करने से पेट की चिचली मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन में वृद्धि, पाचन में सुधार और एंग्जायटी आदि पर काबू पाया जा सकता है।