By अनन्या मिश्रा | May 05, 2026
वर्तमान समय में दुनियाभर में करीब 24 करोड़ लोग अस्थमा से परेशान हैं। वहीं अगर भारत की बात की जाए, तो करीब 2 करोड़ लोग इस बीमारी का शिकार हैं। बता दें कि जब व्यक्ति की सांस की नली में सूजन आ जाती है। तो रिस्पेटरी ट्रैक के चारों तरफ की मसल्स कसने लगती है। जिस कारण लोगों को खांसी और घबराहट जैसी समस्या होती है। वहीं कई लोगों में यह बीमारी जेनेटिक तो कई लोग एलर्जी के कारण अस्थमा का शिकार हो जाते हैं।
ठंडा पानी पीने से गले में खराश होना
खांसी की समस्या से परेशान
बार-बार सर्दी-जुकाम होना
फेफड़ों में दर्द होना
दौड़ने में सांस का फूलना
गौमुखासन को करने से अस्थमा के मरीजों को आराम मिलता है। इस आसन को करने से आपकी मांसपेशियों में खिंचाव आता है। जिससे आपके फेफड़े हेल्दी रहते हैं।
इस प्राणायाम का अभ्यास करने से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक ढंग से होता है। इससे न सिर्फ अस्थमा बल्कि डायबिटीज के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों से भी आपको निजात मिल सकता है।
मकरासन का अभ्यास करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। साथ ही इसके अभ्यास से कमर और घुटनों के दर्द से आराम मिलता है। वहीं ब्लड प्रेशर और वेट लॉस कम करने में भी कारगर माना जाता है।
यह योगासन अस्थमा के मरीजों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। इस आसन का अभ्यास करने से फेफड़ों में खिंचाव आता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन पहुंचती है।
सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से सिर्फ अस्थमा ही कंट्रोल नहीं होता है, बल्कि आपका पूरा शरीर फिट रहता है।