Astrology Tips: कुंडली में इन ग्रह दोषों की वजह से पति-पत्नी बन जाते हैं 'जानी दुश्मन', रिश्ते का हो जाता है अंत

By अनन्या मिश्रा | Jul 08, 2025

कई बार हंसती-खेलती शादीशुदा जिंदगी में अचानक से ऐसी स्थिति बन जाती हैं कि बसा-बसाया परिवार उजड़ जाता है। जो कभी एक-दूसरे के बिना नहीं रह पाते थे, उनके बीच में निगेटिव एनर्जी आने लगती है और मनमुटाव होने लगते हैं। जब तक मामले समझ में आते हैं, तब तक स्थितियां बद से बदतर हो सकती हैं। कभी-कभी तो पति-पत्नी एक-दूसरे के जान के दुश्मन बन जाते हैं। वैवाहिक जीवन में ऐसी स्थितियों के लिए कुंडली के कई ग्रह दोष जिम्मेदार हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली में 12 भाव, 12 राशियां और 27 नक्षत्रों के आधार पर जीवन में घटनाओं का अनुमान लगाया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुंडली में कुछ ऐसे योग के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर पति-पत्नी एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन जाते हैं।

विवाह का भाव है सप्तम भाव

विवाह को जीवन का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है और कुंडली का सप्तम भाव विवाह का भाव होता है। कुंडली के सप्तम भाव को वैवाहिक जीवन और जीवनसाथी से संबंधित माना जाता है। वहीं कुंडली का पाँचवां भाव आपसी प्रेम संबंध को दर्शाता है। कुंडली के सप्तम भाव के स्वामी शुक्र ग्रह होते हैं और राशि तुला है। अगर इस भाव में शुभ ग्रह विराजमान हैं, तो विवाह में समस्या नहीं होती है। साथ पति-पत्नी के बीच संबंध मजबूत होते हैं। वहीं कुंडली के सप्तम भाव में यदि अशुभ ग्रह बैठ जाएं, तो विवाह में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और बात डिवोर्स तक पहुंच सकती है।

कुंडली में कलह की स्थिति

यदि सप्तमेश 6वें, 8वें या 12वें घर में स्थित हों या फिर सप्तमेश पंचम भाव में हों। तो पति-पत्नी के बीच कलह शुरू होने लगती है। कुंडली के सप्तम भाव में शनि, राहु-केतु और मंगल जैसे क्रूर ग्रह हों या सूर्य की पूर्ण दृष्टि हो। या फिर सप्तमेश भाव में इन ग्रहों में से किसी की युति बन रही है, तो पति-पत्नी के बीच कलह और अनबन शुरू हो जाती है।

अलगाव की स्थिति

ज्योतिष नियमों के मुताबिक कुंडली में शुक्र एक से अधिक विवाह के कारक माने जाते हैं। यदि कुंडली में सप्तम और अष्टम के स्वामी कमजोर होकर केंद्र में आ जाएं या फिर लड़की की कुंडली में सप्तम और सप्तमेश का संबंध राहु, सूर्य और मंगल से हो जाएं, ऐसी स्थिति में लड़की को पति से अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली के सप्तम भाव के स्वामी अष्टम भाव में बैठ जाएं और अष्टम भाव के स्वामी सप्तम भाव में बैठ जाएं, तो महिला के पति की मृत्यु विवाह के कुछ महीनों में होने की आशंका मानी जाती है।

प्रमुख खबरें

Singapore Budget Trip: Singapore Tour का सपना होगा सच, Marina Bay में बिना एक पैसा खर्च किए देखें ये शानदार जगहें

Dhamaal 4 New Release Date | Ajay Devgn ने किया नई रिलीज़ डेट का ऐलान, उम्मीद से पहले सिनेमाघरों में मचेगा धमाल

Pakistan के खिलाफ PoK में बड़ा Protest, Joint Awami Action Committee के आह्वान पर पूर्ण बंद

T20 World Cup के फौरन बाद Pakistan Women Team का Sri Lanka दौरा, होगी 6 मैचों की सीरीज़