दूसरों के मौलिक अधिकारों के बारे में भी सोचें...ED को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार

By अभिनय आकाश | Apr 11, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईडी को लोगों के मौलिक अधिकारों के बारे में भी सोचना चाहिए, क्योंकि एजेंसी ने कथित घोटाले की जांच को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है। ईडी ने नागरिक पूर्ति निगम (एनएएन) मामले की जांच को छत्तीसगढ़ से नई दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की। अनुच्छेद 32 प्रत्येक व्यक्ति को अपने मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है। न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने ईडी से अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर करने पर सवाल उठाया, जो कि व्यक्तियों के लिए है।

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यह मामला छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितताओं से जुड़ा है। कथित घोटाला तब सामने आया जब राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फरवरी 2015 में पीडीएस प्रणाली के लिए नोडल एजेंसी नान के कुछ कार्यालयों पर छापा मारा। छापों में 3.64 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई। 

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