इस 15 अगस्त लाल किले से झंडा फहराकर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे पीएम मोदी

By अंकित सिंह | Aug 13, 2020

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नई कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी सातवीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वह सबसे अधिक बार ऐसा करने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री होंगे। पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले पर तिरंगा फहराकर नरेंद्र मोदी ने बीजेपी सरकार के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बराबरी की थी। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी लाल किले पर 6 बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया था। इस स्वतंत्रता दिवस नरेंद्र मोदी उनसे आगे निकल जाएंगे। यह अपने आप में भाजपा के लिए किसी कीर्तिमान से कम नहीं है। 1980-90 के आसपास यह कौन सोच सकता था कि भाजपा एक दिन ऐसी पार्टी बन जाएगी जिसके प्रधानमंत्री 7 बार लगातार लाल किले से झंडा फहराएंगे।

कांग्रेस के ही पीवी नरसिम्हा राव ने भी लाल किले से 5 बार झंडा फहराया है। यह वह दौर था जब देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा था। साथ ही साथ देश में कई समस्याएं भी थी। उस वक्त अपने भाषणों से पीवी नरसिम्हा राव ने देश को एक नई दिशा दी। नरसिम्हा राव 1991 से लेकर 1996 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। इंदिरा गांधी के बेटे और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी लाल किले से 5 बार ही स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराया है। यह वह दौर था जब भारत तकनीक की ओर बढ़ रहा था। राजीव गांधी 1984 से लेकर 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री रहने के दौरान लाल बहादुर शास्त्री ने भी लाल किले से दो बार तिरंगा झंडा लहराया है। जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद लाल बहादुर शास्त्री के हाथों में देश की कमान आई थी। माना जाता है कि लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल के दौरान किसानों को सक्षम बनाने के कई प्रयास किए गए।

इसे भी पढ़ें: भारत के अलावा 15 अगस्त को कौन-कौन से देश हुए थे आजाद ?

मोरारजी देसाई ऐसे पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने लाल किले से दो बार 15 अगस्त के मौके पर झंडा फहराया। मोरारजी देसाई आपातकाल के बाद जनता पार्टी सरकार का नेतृत्व कर रहे थे। मोरारजी देसाई 1977 से 1979 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। चौधरी चरण सिंह, एचडी देवे गौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल और विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के ऐसे प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने लाल किले से एक-एक बार झंडा फहराया है और देश को संबोधित किया है। गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री रहने के बावजूद लाल किले से 15 अगस्त के मौके पर झंडा फहराने का मौका नहीं मिल पाया। गुलजारीलाल नंदा देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। दो बार ऐसे मौके आए जब उन्हें 13-13 दिनों के लिए देश की कमान सौंपी गई। वही युवा तुर्क चंद्रशेखर का कार्यकाल 10 नवंबर 1990 से शुरू होकर 21 जून 1991 तक चला था। इस दौरान 15 अगस्त नहीं आया और ऐसे में उन्हें लाल किले से झंडा फहराने का मौका नहीं मिल पाया। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2020 में ऐसे समय पर 15 अगस्त के मौके पर झंडा फहराएंगे जब देश कोरोनावायरस, बाढ़ जैसी भीषण समस्याओं से जूझ रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री से देश से आर्थिक स्थिति पर भी उम्मीद लगाए बैठा है।

- अंकित सिंह

प्रमुख खबरें

Titan के नतीजों से Stock Market में धूम, Share रॉकेट बना, 35% बढ़ा Profit

Petrol-Diesel पर राहत की बड़ी कीमत, सरकारी Oil Companies को हर महीने ₹30 हजार करोड़ का घाटा

OpenAI विवाद में नया मोड़: Elon Musk की पार्टनर Shivon Zilis ने खोले निजी जिंदगी के पन्ने

Stock Market में Lenskart का बड़ा खेल, 5300 करोड़ के सौदे के बाद शेयर में आया 5% का उछाल