By अनन्या मिश्रा | May 02, 2026
घर की रसोई में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि सुबह कि बनाई गई रोटियां दोपहर या शाम तक सख्त और बेस्वाद हो जाती है। अक्सर नरम और ताजी रोटियों के लिए बार-बार मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन टिफिन में रखी रोटियां सूखकर कड़ी हो जाती है। इस आम समस्या का एक आसान समाधान बताने जा रहे हैं। साधारण पानी की जगह आटे में एक खास 'खट्टी चीज' मिलाने से रोटियां रुई जैसी मुलायम बनी रहती है। यह नुस्खा न सिर्फ रोटियों का टेक्सचर बदल देता है, बल्कि उनको घंटों बाद भी ताजा बनाए रखता है। आटे में दही और गुनगुने पानी के इस्तेमाल का सही तरीका अपनाने में काफी फायदा मिल सकता है।
आमतौर पर लोग नल के सादे पानी से आटा गूंथ लेते हैं। लेकिन हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना एक गेम चेंजर साबित होता है। दही और गर्म पानी का कॉम्बिनेशन आटे में नमी को लॉक कर देता है। गुनगुना पानी आटे के कणों को अच्छे से फूलने में मदद करता है। जिससे बेलते समय आटा लचीला रहता है और रोटियां सेंकने के बाद नरम होती हैं।
आप सीधे आटे में दही न डालें। इसकी जगह गुनगुने पानी में थोड़ा सा दही फेंट लें। इस दही वाले पानी से धीरे-धीरे आटा गूंथना शुरू करें। इससे दही आटे में समान रूप से मिल जाता है और एक बराबर रोटियां मुलायम बनती है। दही खट्टा नहीं होना चाहिए वरना रोटियों का स्वाद बदल जाएगा।
आटे को गूंथने के फौरन बाद रोटियां नहीं बनानी चाहिए। आटा गूंथने के बाद हल्का सा तेल या घी लगाकर 15-20 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें। इस दौरान आटे में नमी सेट हो जाती है और रोटियां अच्छी बनती हैं। आटे को रेस्ट देने के बाद हाथों से आटे को हल्का मल लें।
रोटियों को मुलायम रखने में आंच का बड़ा हाथ होता है। अगर आप धीमी आंच पर देर तक रोटी सेंकते हैं, तो वह पापड़ जैसी सख्त हो जाएगी। हमेशा रोटी को मीडियम हाई-फ्लेम पर सेंकना चाहिए। तेज आंच पर रोटी जल्दी फूलती है और अंदर से यह नरम रखती है। दही वाला आटा होने की वजह से यह रोटियां जल्दी और अच्छी फूल जाती हैं।
रोटियां बनाने के फौरन बाद इनको स्टील के डिब्बे में न रखें। पहले इनको सूती कपड़े या किचन टॉवल में लपेटें और फिर कैलरोल या एयरटाइट डिब्बे में रखें। इस दही वाले नुस्खे और सही स्टोरेज के साथ रोटियां 6-8 घंटे बाद वैसी ही रहेंगी।