आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को हमेशा याद किया जाना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 29, 2025

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपातकाल के दौरान लोगों पर अत्याचार को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने के लिए रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम में आपातकाल का विरोध करने वाले प्रमुख नेताओं की टिप्पणियां सुनाईं और कहा कि इन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए क्योंकि ये लोगों को संविधान को मजबूत रखने के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है।

मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पार्टी का नाम लिए बिना आपातकाल के दौर की ज्यादतियों के लिए कांग्रेस की निंदा की। आपातकाल को लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार के तहत अघोषित आपातकाल कायम है।

मोदी ने कहा कि 1975 से 1977 के बीच 21 महीने की अवधि के लिए आपातकाल के दौरान लोगों को बड़े पैमाने पर प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने उस अवधि से संबंधित पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई और अटल बिहारी वाजपेयी तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम के भाषणों के अंश सुनाए।

उन्होंने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस साहब को बेड़ियों में जकड़ा गया था और याद किया कि उस समय आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत किसी को भी गिरफ्तार किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि छात्रों को परेशान किया गया और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा गया।

उन्होंने कहा कि उस दौर में हजारों लोग गिरफ्तार किए गए, उन पर अमानवीय अत्याचार हुए, लेकिन ये भारत की जनता का सामर्थ्य है कि वो झुकी नहीं, टूटी नहीं और लोकतंत्र के साथ कोई समझौता उसने स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने कहा कि ‘‘आखिरकार, जनता-जनार्दन की जीत हुई - आपातकाल हटा लिया गया और आपातकाल थोपने वाले हार गए।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपातकाल की 50वीं बरसी को हाल में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया गया और इसके खिलाफ लड़ने वालों को हमेशा याद रख जाना चाहिए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया था।

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