Tibet पर China का नियंत्रण बढ़ा, मानवाधिकार समूह ने CTA के लिए मांगा वैश्विक सहयोग

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026

सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 22 अगस्त अमेरिका स्थित एक अधिकार समूह की हालिया रिपोर्ट में भारत स्थित निर्वासित तिब्बती सरकार को अधिक अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिए जाने की अपील करते हुए कहा गया है कि चीन तिब्बत पर अपना राजनीतिक नियंत्रण मजबूत कर रहा है और महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले पदों से तिब्बतियों को दूर रखा जा रहा है। वाशिंगटन स्थित ‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’ (आईसीटी) ने अमेरिकी संसद से भारत और नेपाल में रह रहे तिब्बती समुदायों के लिए मानवीय सहायता एवं अन्य सहयोग का पूरा वित्त पोषण बहाल करने और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) की क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को भी समर्थन देने की अपील की। सीटीए तिब्बत की निर्वासित सरकार है और इसका मुख्यालय भारत के धर्मशाला में है।

इसी वजह से हम वहां यह आधार तैयार कर पाए हैं और उसका यहां इस्तेमाल कर रहे हैं।’’ त्सेरिंग ने कहा कि अमेरिका में तिब्बत के मुद्दे को दोनों प्रमुख दलों का समर्थन मिला है और अमेरिकी संसद में ‘अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट’ (तिब्बत के भविष्य को सुनिश्चित करने संबंधी अधिनियम) पेश किया गया है, जिसे अभी मंजूरी मिलनी बाकी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी संसद को दोनों दलों द्वारा समर्थित ‘अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट’ (एएफटीए) को पारित करना चाहिए। यह सीटीए को तिब्बती लोगों के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में मान्यता देकर उसे अधिक वैधता प्रदान करता है।’’ त्सेरिंग ने यूरोपीय संघ से तिब्बत के लिए एक विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने की भी मांग की ताकि तिब्बत को लेकर यूरोपीय संघ की नीति में बेहतर समन्वय और एकरूपता सुनिश्चित हो सके।

वाशिंगटन में मंगलवार को जारी आईसीटी की वार्षिक ‘तिब्बती नेतृत्व रिपोर्ट’ में कहा गया कि चीन नेतृत्व के पदों पर नियुक्तियों, नए कानूनों और पार्टी के निर्देशों के जरिए तिब्बत पर अपना राजनीतिक नियंत्रण और मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि वरिष्ठ नेतृत्व के पदों पर तिब्बतियों की सार्थक भागीदारी लगातार कम बनी हुई है और इस बीच चीन तिब्बतियों को अपने में जबरन मिलाने की नीतियों को और तेजी से आगे बढ़ा रहा है। चीन तिब्बत का प्रशासन पार्टी और सरकार की केंद्रीकृत दोहरी व्यवस्था के जरिए चलाता है, जिसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष अधिकारी के पास स्थानीय तिब्बती गवर्नर से अधिक अधिकार होते हैं।

तिब्बत में 2026 में प्रांतीय और काउंटी स्तर पर पार्टी, सरकार, सुरक्षा और न्यायपालिका से जुड़े सभी 10 संस्थानों में वरिष्ठ नेतृत्व के 240 पदों में से केवल 62 पदों (25.8 प्रतिशत) पर तिब्बती थे। त्सेरिंग ने कहा, ‘‘इसके विपरीत, गैर-तिब्बतियों के पास 240 में से 178 पद (74.2 प्रतिशत) हैं।

प्रमुख खबरें

₹7,000 crore का मेगा प्लान: PNGRB ने GAIL की 1,800 किमी लंबी LPG Pipeline को दी मंजूरी

Rahul Gandhi के Pune कार्यक्रम पर BJP का आरोप, इन्फ्लुएंसर्स को दिए 35 हजार रुपये

Hyderabad Road Accident: Jana Sena MP Lingamaneni Ramesh बोले- जांच में पूरा सहयोग कर रहा बेटा

India-Mauritius Partnership: अगले 5 साल तक Indian Oil करेगा मॉरीशस की फ्यूल डिमांड पूरी