By रेनू तिवारी | Oct 24, 2026
चीन के स्वशासित क्षेत्र तिब्बत में भीषण भूकंप के दो दिन बाद शनिवार सुबह एक बार फिर आफ्टरशॉक (भूकंप का झटका) महसूस किया गया। हालांकि, यह रिक्टर स्केल पर 4.5 तीव्रता का एक मध्यम झटका था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई, हालांकि किसी नए नुकसान या हताहत होने की तुरंत कोई सूचना नहीं है। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस आफ्टरशॉक का केंद्र 31.485 उत्तरी अक्षांश और 93.528 पूर्वी देशांतर पर जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। फिलहाल किसी तरह के नुकसान या किसी की जान जाने की कोई खबर नहीं है, लेकिन इस झटके से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
तिब्बत में बचाव अभियान जारी
चीनी अधिकारी तिब्बत में बचाव अभियान चला रहे हैं। वे बचे हुए लोगों की तलाश के लिए ड्रोन, मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) और उपग्रहों (सैटेलाइट्स) का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब तक, उन्होंने 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी भेजी है, जिसमें 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड घर (पहले से तैयार घर), 3,239 टेंट, 2,821 फोल्डिंग बेड और 4,280 रज़ाइयां शामिल हैं।
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस "व्यापक खोज और बचाव अभियान" पर नज़र रख रहे हैं और उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए उचित आवास की व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जान-माल के नुकसान को कम से कम करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, शी ने अधिकारियों को इस क्षेत्र में होने वाली हर भूकंपीय गतिविधि पर बारीकी से नज़र रखने का निर्देश दिया है।
मृतकों की संख्या 16
अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों की संख्या 16 है और 76 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को 10 किलोमीटर से कम गहराई में 7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे तिब्बत के नागकू शहर के दूरदराज के बाकेन काउंटी में भारी तबाही हुई और कई लोगों की जान चली गई।
चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार, भूकंप के कारण संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और स्थानीय रेलवे अधिकारियों को इस क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों को रोकना पड़ा। भूकंप के कारण चट्टानें भी खिसक गईं, जिससे नेशनल हाईवे 317 का एक हिस्सा प्रभावित हुआ। अधिकारी अब पूरी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और उसी के अनुसार कदम उठाएंगे।
1900 के बाद से, इस क्षेत्र में 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले छह भूकंप आ चुके हैं, जिनमें यह भूकंप भी शामिल है। इनमें सबसे बड़ा भूकंप 8 नवंबर 1997 को शुआंगहू में आया था, जिसकी तीव्रता 7.5 थी।
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