By Ankit Jaiswal | Jan 23, 2026
अमेरिका में टिकटोक को लेकर चल रहा सियासी और कानूनी असमंजस अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को टिकटोक की नई डील की खुलकर सराहना की और इसे प्लेटफॉर्म को “बचाने” की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने टिकटोक को अपनी 2024 की राष्ट्रपति चुनावी जीत से भी जोड़ा। उनके अनुसार, युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनाने में इस ऐप की अहम भूमिका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टिकटोक इस्तेमाल करने वाले लोग उन्हें लंबे समय तक याद रखेंगे।
ट्रंप ने इस समझौते के लिए अपनी टीम का आभार जताने के साथ-साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी धन्यवाद दिया। उनके मुताबिक, शी जिनपिंग इस सौदे को रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और यही वजह है कि यह समझौता संभव हो पाया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार टिकटोक ने पुष्टि की है कि उसने अमेरिका में अपने कारोबार के संचालन के लिए टिकटोक यूएसडीएस जॉइंट वेंचर एलएलसी नाम से एक नई इकाई का गठन पूरा कर लिया है। यह इकाई अमेरिका में टिकटोक के कामकाज को संभालेगी और लंबे समय से मंडरा रहे प्रतिबंध के खतरे से भी बचाव करेगी।
कंपनी का कहना है कि यह नया उपक्रम अमेरिका में मौजूद 20 करोड़ से अधिक यूजर्स और करीब 75 लाख बिजनेस अकाउंट्स को सेवाएं देगा। इसके साथ ही डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कंटेंट मॉडरेशन और रिकमेंडेशन एल्गोरिद्म को लेकर पहले से ज्यादा सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी।
स्वामित्व संरचना की बात करें तो अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के पास संयुक्त रूप से 80.1 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि बाइटडांस के पास 19.9 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी। बड़े निवेशकों में ओरेकल, सिल्वर लेक और अबू धाबी की एमजीएक्स शामिल हैं, जबकि कुछ हिस्सेदारी अन्य वैश्विक निवेश समूहों को भी दी गई है।
यह समझौता ऐसे समय पर सामने आया है, जब टिकटोक पिछले कई सालों से वॉशिंगटन में राजनीतिक और नियामकीय जांच के दायरे में रहा है। 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के हवाले से ऐप पर सवाल उठे थे। बाद में जो बाइडेन के कार्यकाल में भी बाइटडांस को अमेरिकी कारोबार अलग करने या प्रतिबंध झेलने की चेतावनी दी गई थी।
टिकटोक के मुताबिक, अमेरिकी परिचालन एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगा, जिसे सात सदस्यीय बोर्ड संचालित करेगा। इस बोर्ड में अमेरिकी सदस्यों का बहुमत होगा। एडम प्रेसर को अमेरिकी इकाई का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनकी जिम्मेदारी यूजर डेटा की सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की ग्रोथ सुनिश्चित करना होगी।