राम मंदिर की नींव के 2,000 फीट नीचे गाड़ा जाएगा टाइम कैप्सूल, जानिए इसके पीछे की मुख्य वजह

By अनुराग गुप्ता | Jul 28, 2020

नयी दिल्ली। वर्षों तक कोर्ट-कचहरी की लड़ाई के बाद आखिरकार श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निमार्ण का मार्ग सुगम हो सका और अब 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। भविष्य में कभी किसी तरह का विवाद न हो इसके लिए नींव के 2,000 फीट नीचे टाइम कैप्सूल भी रखा जाएगा लेकिन अब सवाल खड़ा होता है कि आखिर ये टाइम कैप्सूल होता क्या है और उसे क्यों रखे जाने की बातचीत हो रही है। 

तांबे के इस्तेमाल से टाइम कैप्सूल का निर्माण किया जाता है और यह बिल्कुल एक कंटेनर के आकार की तरह होता है। इसे इतना सक्षम बनाया जाता है कि यह हर मौसम और तापमान का सामना कर सकता है। टाइम कैप्सूल को मुख्यत: किसी ऐतिहासिक स्थल या फिर स्मारक की नींव में काफी नहराई पर गाड़ा जाता है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर टाइम कैप्सूल उससे जुड़े हुए तथ्य पेश कर सके। काफी गहराई पर गड़े होने के बावजूद टाइम कैप्सूल को हजारों साल तक कोई नुकसान नहीं पहुंचता है और वह जैसे का तैसा ही रहता है।

टाइम कैप्सूल को जमीन के काफी नीचे इसलिए गाड़ा जाता है ताकि उस स्थान के इतिहास को सुरक्षित रखा जा सके। बता दें कि राम मंदिर निर्माण की नींव के 2,000 फीट नीचे इसे गाड़ा जाएगा ताकि सालों बाद भी यदि किसी के भीतर श्रीराम जन्मभूमि के बारे में जानने की चाह हो तो वह इसके जरिए जान सके। 

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इसके पीछे एक वजह और है कि भविष्य में राम मंदिर के इतिहास को लेकर किसी तरह का विवाद भी न खड़ा हो। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कामेश्वर चौपाल ने बताया कि टाइम कैप्सूल से भविष्य में अगर कोई मंदिर के इतिहास का अध्ययन करना का इच्छुक होगा तो उसे इससे काफी मदद मिल जाएगी।

टाइम कैप्सूल को काल पत्र भी कहा जाता है। गाड़ने से पहले टाइम कैप्सूल में जो भी जानकारी डाली जाएगी वह ताम्र पत्र पर लिखी होंगी। 

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रामलला के लिए तैयार हो रहे कपड़े

भूमि पूजन का समय निर्धारित होने के बाद से ही रामलला के लिए कपड़े बनने का काम भी शुरू हो गया है। अयोध्या के बड़ी कुटिया इलाके में स्थित बाबू लाल टेलर्स की दुकान में दशकों से रामलला और अन्य देवी देवताओं के लिए विशेष वस्त्र बनाए जाते रहैं हैं। बाबू लाल टेलर्स की यह दुकान भागवत प्रसाद और शंकर लाल मिलकर चलाते हैं। बता दें कि भूमि पूजन के दिन रामलला को हरे रंग के वस्त्र पहनाए जाएंगे जिसे बाबू लाल टेलर्स की दुकान में बनाया जा रहा है।

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