By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 06, 2023
मुंबई। शिवसेना के उद्धव ठाकरे नीत गुट ने सोमवार को कहा कि देश को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ‘‘भ्रष्टाचार वॉशिंग मशीन’’ के खिलाफ खड़े होने का वक्त आ गया है। साथ ही उसने विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र का हवाला दिया जिसमें ‘‘निरंकुश शासन’’ का जिक्र किया गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में कहा कि विपक्ष को परेशान करना और सत्ता में बने रहना लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और के. चंद्रशेखर राव समेत नौ विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के ‘‘घोर दुरुपयोग’’ का आरोप लगाया है।
इसमें कहा गया है, ‘‘स्वायत्त सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है। यह अल कायदा और तालिबान से भी ज्यादा खतरनाक है। भारत का निर्वाचन आयोग भाजपा के आगे नतमस्तक है जिसके कारण उच्चतम न्यायालय ने भविष्य में उसकी नियुक्तियों के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया है।’’ संपादकीय में प्रख्यात वकील कपिल सिब्बल द्वारा शुरू किए गए एक मंच ‘इंसाफ के सिपाही’ का भी उल्लेख किया गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण की भाजपा द्वारा आलोचना किए जाने पर भी सवाल उठाया गया है।
राहुल गांधी ने कहा था कि भारतीय लोकतंत्र खतरे में है और उनके समेत कई नेताओं की जासूसी करायी जाती है। उसने कहा, ‘‘अगर उन्होंने देश को बदनाम किया तो फिर यह पूछने की जरूरत है कि क्या नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश की उनकी पूर्व की यात्राओं के दौरान दिए गए भाषणों में जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और उनकी सरकारों के खिलाफ किए गए दावों से देश की बदनामी नहीं हुई?’’ पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दबाए जा रहे हैं।