By अभिनय आकाश | Mar 16, 2026
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने सोमवार को कहा कि इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में हुई यात्रा समाप्त होने के दो दिन बाद मंजूरी दी थी। उन्होंने हमले के समय और प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बीच संबंध को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज कर दिया। अजार ने स्पष्ट किया कि जब मोदी ने 25-26 फरवरी को इजरायल का दौरा किया था, तब क्षेत्र में स्थिति पहले से ही अस्थिर थी और हमले का अवसर प्रधानमंत्री के जाने के बाद ही मिला। राजदूत अजार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आने से पहले ही यह स्पष्ट था कि हमारे क्षेत्र में स्थिति बेहद अस्थिर है। हमले के फैसले की बात करें तो, प्रधानमंत्री मोदी के जाने के बाद ही कार्रवाई का अवसर मिला। कैबिनेट ने ऑपरेशन को मंजूरी देने का फैसला उसके दो दिन बाद लिया।
कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने कहा कि पार्टी तनाव बढ़ने, शत्रुता के प्रकोप और पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष के स्पष्ट खतरे के समय मोदी की इज़राइल यात्रा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करती है। जयराम रमेश ने कहा पिछले कुछ महीनों में उनकी सैन्य तैयारियों को देखते हुए इस हमले की पूरी उम्मीद थी। फिर भी मोदी जी ने इजराइल जाने का फैसला किया, जहां उन्होंने नैतिक रूप से घोर कायरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत इजराइल के साथ खड़ा है और ऐसा कहने के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला। इजराइल की यह यात्रा शर्मनाक थी और मोदी जी के दो ‘अच्छे दोस्तों’ द्वारा शुरू किए गए युद्ध के आलोक में तो यह और भी शर्मनाक है।