कोरोना काल की इस मुश्किल घड़ी में कमाई और बचत बढ़ाने के शानदार टिप्स

By कमलेश पांडेय | Jul 11, 2020

पहले कोरोना प्रकोप, फिर इससे बचाव के उपाय और उसके बाद सम्पूर्ण लॉकडाउन और अनलॉक एक और दो ने हर व्यक्ति की आर्थिक सुचिता पर इस कदर हमला किया है, जिसके बारे में नए वित्तीय वर्ष से पहले हम सबने कभी नहीं सोचा था, और न ही इसके लिए कोई व्यक्तिगत आर्थिक रणनीति तैयार की थी। लेकिन मार्च के तीसरे सप्ताह से सरकार की ताबड़तोड़ प्रतिबंधात्मक घोषणाओं ने ऐसे हालात उत्पन्न कर दिए कि कमाना तो दूर, मनमाफिक कार्य व्यवहार की मुश्किल हो गया। फलाफल यह निकला कि लोग पाई पाई को मोहताज होने लगे और अपनी जमा पूंजी खर्चने के अलावा कोई चारा ही नहीं बचा। आमदनी घट गई, कई मदों के खर्चे डेढ़-दो गुणा तक बढ़ गए। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन्हें हुई जिनके पास बचत नहीं थी और रोज कमाने खाने के अवसर भी निकल गए। अभी कोरोना संकट पूरी तरह से टला भी नहीं है। लिहाजा, इस मुश्किल समय में बेहतर कल के लिए आज से ही अपनी अपनी वित्तीय स्थिति संभालनी शुरू कीजिए, ताकि निकट भविष्य में होने वाले संभावित नुक़सान और रुपए-पैसों की तंगी से खुद ही रणनीतिक तौर पर निपटा जा सके। इस समय आमदनी में इजाफा से अधिक जरूरी है, अपने अपने गैर जरूरी खर्चों को कम करके उसी बचत को आमदनी समझना और उसका उपयुक्त निवेश करना।

ऐसे में हम आपको इस आलेख के जरिये बता रहे हैं कि आप कुछ आसान और समझदारी भरे तरीके अपनाकर खुद को वित्तीय रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। इस नजरिए से सबसे पहले आप अपने हेल्थ इंश्योरेंश कवर को पुख्ता कीजिए, जो वर्तमान अनिश्चितता भरे माहौल में सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि आपने अपने लिए अभी तक कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक बीमा पॉलिसी नहीं ली है तो अपनी अपनी जरूरत को ध्यान में रखकर सही पॉलिसी का चयन करते हुए उसे अवश्य ही ले लें, ताकि मुश्किल घड़ी में वो आपके काम आ सके। वहीं, यदि आपने कोई पॉलिसी ले रखी है तो मौजूदा बीमा योजनाओं का विश्लेषण करें और यह आकलन करें कि यह आपके लिए पर्याप्त है या नहीं। क्योंकि कई कंपनियां कोरोना के लिए स्पेशल छोटी बीमा पॉलिसी लॉन्च की हैं जिसमें आपको कम प्रीमियम में ज्यादा बीमा कवर मिलेगा। इन बीमा पॉलिसी की अवधि 3 से 11 महीनों के बीच ही रहेगी, जो कोरोना काल में आपके लिए बहुत सही है।

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दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि कोरोना काल और उससे उपजे लॉकडाउन से उपजी परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति के लिए यह ज्यादा आवश्यक है कि वह अपने विभिन्न अनावश्यक खर्चों को कंट्रोल करें। यदि आप इस मुश्किल समय से निपटने के लिए अपने खर्चों को नियंत्रित अर्थात कंट्रोल करते हैं और फालतू खर्च पर रोक लगाते हैं, तो यह आपका बुद्धिमानी भरा कदम होगा। यदि आप अपने पिछले 3-4 महीनों के खर्च को देखेंगे कि आपने कहां ज्यादा या फिजूल खर्च किया है तो आप आसानी पूर्वक अपने खर्च को कंट्रोल कर सकेंगे। इसके लिए इस दौर में अपने घर का काम खुद करने की आदत डालनी चाहिए। ताकि जिन कामों के लिए अभी तक आप कीमत चुकाते थे, उन्हें अगर खुद कर सकते हैं तो करें और अपने पैसे बचाएं। क्योंकि अब हर बचत आपकी कमाई ही है। इसलिये निर्णय लेने में अब और विलम्ब मत कीजिये। 

तीसरी बात, कोरोना काल में हर किसी व्यक्ति को नए कर्ज़ लेने से बचना चाहिए। यदि कार्य व्यवसाय में इजाफे के लिए कर्ज लेना बेहद जरूरी है तो आप अपने रोजगार की प्रवृत्ति और उसमें होने वाले लाभों का अनुमान लगाकर आप नियंत्रित कर्ज ले सकते हैं, लेकिन इससे जुड़ी क़िस्त देनदारियों के प्रति आपको सदैव सजग रहना चाहिए। और हां, इस दौर में आकर्षक और स्कीम वाले उपभोक्ता वस्तुओं के लिए होने वाले खर्चों और उसके मद्देनजर लिए जाने वाले कर्जों से इस दौर में जितना हो सके, कर्ज लेने से बचने की कोशिश करें। क्योंकि यदि आप कर्ज लेते हैं तो आपको एक निश्चित अंतराल पर या उसके बाद में इसे लौटना भी पड़ेगा। लेकिन यदि आगे कोई अन्य वजह से लॉकडाउन होता है, या फिर उससे बाजार प्रभावित होता है तो ऐसे में ये आगे चलकर आपके लिए कोई नई समस्या बन सकता है। इसलिए समय रहते ही कर्ज के लेन देन में सतर्क हो जाइए। इसके अलावा, बाजार में प्रचलित किस्तों पर भी आप तब तक कोई खास सामान न लें, जब तक कि उसकी आपको बहुत जरूरत न हो। इसके अलावा, यदि आपको कुछ खरीदना ही है तो उसका सही से आकलन करें कि कहीं आप उसकी ज्यादा कीमत तो नहीं चुका रहे हैं। इसलिये यह सदैव याद रखें कि ख़रीददारी के दौरान इस तरह की छोटी-छोटी समझदारियां आपको अतिरिक्त लाभ देंगी, बशर्ते कि आप इसका अनुसरण करें।

चौथी बात, किसी भी व्यक्ति के लिए निवेश और उसके सही विकल्प हमेशा काम आते हैं। कोरोना काल से उपजी कारोबारी अथवा पेशेवर परिस्थितियों ने अब हर किसी को आगाह कर दिया है कि भविष्य में पैसों को लेकर आपको ज़्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से निवेश के सही विकल्प चुनें और उसपर कड़ाई पूर्वक अमल करें। क्योंकि किसी भी व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आम बात है। इसलिए यदि आप पहले से ही निवेश कर रहे हैं तो उसे कदापि बंद न करें, बल्कि उसमें अपेक्षित विविधता भी लाइए, ताकि एक जगह के घाटे की भरपाई दूसरी जगह पर किया जा सके। आपको पता होना चाहिए कि गाढ़ी कमाई से किये गए ये निवेश ही किसी भी व्यक्ति के घर में शादी, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल आदि के लिए जरूरी अतिरिक्त पैसों की बड़ी ज़रूरत को पूरा करती हैं। इसके अलावा, चरणबद्ध तरीके से किये गए कर बचत योग्य निवेश पर टैक्स की बचत भी होती है। लिहाजा, भविष्य में इन निवेशों का आप लाभ उठा सकते हैं। इससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।

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अंततोगत्वा, किसी भी व्यक्ति को अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश लगातार करते रहना चाहिए और इसके लिए आवश्यक हुनर को सीखने की कोशिश भी करते रहना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि भविष्य में अपने विभिन्न खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी हॉबी को ही कमाई का जरिया बनाएं। यदि विषय पर पकड़ है तो ट्यूशन पढ़ाएं। अगर विशेष वित्तीय ज्ञान है तो आप सलाहकार बनें या फिर कोई अन्य कला पर आपकी पकड़ है तो उसका उपयोग भी चरणबद्ध तरीके से आप कर सकते हैं। इससे एक ओर आपका अपना शौक भी पूरा होगा और दूसरी ओर कमाई भी हो जाएगी, जो आपके या आपके परिवार के काम आएगी।

-कमलेश पांडेय

(वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार)

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