By अभिनय आकाश | Apr 08, 2026
तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच हुई बैठक राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गई है। पार्टी का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर प्रतिनिधिमंडल को "चले जाओ" कह दिया।
उन्होंने कहा कि जब हमने उनसे कहा कि आप अधिकारियों का तबादला कर रहे हैं, तो आप निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे कराएंगे? तब उन्होंने कहा, यहां से चले जाओ। उन्होंने इस बातचीत को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने आगे कहा, “आज मैंने जो देखा वह शर्मनाक है। टीएमसी के अनुसार, बैठक की शुरुआत में प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा भेजे गए नौ पत्रों का मुद्दा उठाया, जिनका कोई जवाब नहीं मिला था। उन्होंने नंदीग्राम में चुनाव आयोग के अधिकारियों और भाजपा समर्थकों के बीच कथित तौर पर हुई मिलीभगत का मुद्दा भी उठाया। ब्रायन ने पहले कहा था बैठक की शुरुआत ममता बनर्जी द्वारा लिखे गए नौ पत्रों के मुद्दे को उठाने से हुई। कोई जवाब नहीं भेजा गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के कामकाज पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर अन्य चुनाव आयुक्तों को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है तो वे मुख्य चुनाव आयुक्त की बात नहीं सुनना चाहते। उन्होंने कहा, हमने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कहा कि हम आपकी बात नहीं सुनना चाहते क्योंकि आप अन्य दो आयुक्तों को बोलने नहीं दे रहे हैं।
टीएमसी ने चुनाव आयोग को बैठक की कार्यवाही सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। ब्रायन ने कहा, मैं चुनाव आयुक्त को आज हुई कार्यवाही का वीडियो या ऑडियो जारी करने की चुनौती देता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में निष्कासन नोटिस का सामना करने वाले भारत के एकमात्र मुख्य चुनाव आयुक्त होने पर बधाई दी।