By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
कोलकाता, सात अगस्त पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुट के एक नेता ने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने गुटों पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में ‘‘प्रबंधित विपक्ष’’ तैयार करने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी समर्थक तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने इसके समर्थन में असंतुष्ट नेताओं की नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई बैठकों का हवाला दिया। राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित नाश्ता बैठक में राजग के घटक दलों के 40 से अधिक सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसके बाद कुणाल घोष ने यह आरोप लगाया।
हालांकि, एनसीपीआई और ऋतब्रत बनर्जी गुट ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। कुणाल घोष ने इन घटनाक्रमों को लेकर आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी ‘‘बी-टीम’’ राज्य में सरकार विरोधी प्रभावी राजनीति को कमजोर करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। घोष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बी-टीम’ के गद्दार नंबर-1 प्रधानमंत्री से मिले, जबकि ‘बी-टीम’ के गद्दार नंबर-2 नबान्न में मुख्यमंत्री से मिलने गए।’’ उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के असंतुष्ट लोकसभा सदस्यों द्वारा गठित एनसीपीआई राजनीतिक रूप से ‘‘दिशाहीन’’ संगठन है, जो कानूनी और राजनीतिक संरक्षण चाहता है।
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने दोनों बैठकों में शामिल नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि उनका ‘‘राजनीतिक करियर लगभग समाप्त हो चुका है’’। तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि वे (एनसीपीआई और ऋतब्रत) मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
घोष ने कहा, ‘‘जब वे दोबारा जनता के बीच वोट मांगने जाएंगे, तब बंगाल की जनता उन्हें करारा जवाब देगी।