TMC सांसद की मांग, संसद भवन की छत पर लगे राष्ट्रीय प्रतीक में ‘बदलाव’ की कंप्यूटरीकृत जांच हो

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 16, 2022

कोलकाता। नये संसद भवन की छत पर स्थापित राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर जारी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस सासंद जवाहर सरकार ने शनिवार को केंद्र से मांग की कि नवनिर्मित राष्ट्रीय प्रतीक का मूल अशोक स्तंभ से मिलान करने के लिए त्रिआयामी कंप्यूटरीकृत जांच की जाए। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी को लिखे पत्र में सरकार ने कहा, ‘‘ खामी इतनी बड़ी है कि उसे छिपाया नहीं जा सकता।’’ उन्होंने साथ ही मूर्तिकार के चयन की प्रक्रिया, निर्माता को दी गई जानकारी और इस प्रतिमा को स्थापित करने पर आए खर्च की विस्तृत जानकारी भी जाननी चाही। 

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पूर्व केंद्रीय संस्कृति सचिव ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस कलाकृति के लिए दिल्ली शहरी कला आयोग और विरासत संरक्षण समिति की मंजूरी ली गई थी, जो कि संसद की नयी इमारत के संदर्भ में ‘‘छह जनवरी 2021 को उच्चतम न्यायालय के आए फैसले के अनुसार अनिवार्य है।’’ इससे पहले राष्ट्रीय प्रतीक में छेड़छाड़ संबंधी विवाद होने पर जवाहर सरकार ने ट्विटर पर राष्ट्रीय प्रतीक की मूल तस्वीर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए राष्ट्रीय प्रतीक की तस्वीरें साझा की थीं। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने दावा किया कि मूल अशोक स्तंभ पर मौजूद शेर ‘‘ सुदंर और शान से आत्मविश्वासी’’ प्रतीत होते हैं जबकि नयी प्रतिमा के शेर ‘‘गुर्राते हुए, अनावश्यक रूप से आक्रामक और बेमेल’ दिखते हैं। विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं की आलोचना पर पुरी ने कहा था कि जो लोग संसद की इमारत पर लगे राष्ट्रीय प्रतीक की आलोचन कर रहे हैं, उन्हें ‘‘दोनों ढांचों की तुलना करने के साथ-साथ उनके कोण, ऊंचाई और विशालता’’ पर भी ध्यान देना चाहिए। 

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