By अभिनय आकाश | Aug 06, 2024
सांप्रदायिकता की कट्टर आलोचक, निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ बोला है। उन्होंने शेख हसीना के देश से भागने के फैसले को विडंबना बताया। नसरीन ने कहा कि हसीना ने इस्लामवादियों को खुश करने के लिए उन्हें बांग्लादेश से बाहर निकाल दिया था और उन्हीं इस्लामवादियों ने अब हसीना को खुद देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। छात्र आंदोलन में एक पोस्ट में आज हसीना को देश छोड़ने के लिए किसने मजबूर किया।
गौरतलब है कि नसरीन ने 1994 में बांग्लादेश छोड़ दिया था जब कट्टरपंथी संगठनों ने उन्हें उनकी किताब "लज्जा" पर जान से मारने की धमकी दी थी। 1993 की किताब को बांग्लादेश में प्रतिबंधित कर दिया गया था लेकिन यह अन्य जगहों पर बेस्टसेलर बन गई। उस समय हसीना की कट्टर प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं।