तोक्यो ओलंपिक पर लगी कोरोना की नज़र, अधिकारियों की रद्द करने की हो रही मांग

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 15, 2021

तोक्यो। जापान की सत्तारूढ़ ‘लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एलडीपी) के दो शीर्ष अधिकारियों ने गुरूवार को कहा कि तोक्यो ओलंपिक में आमूल-चूल बदलाव हो सकते हैं। एक ने तो यहां तक सुझाव दे दिया कि इन्हें अब भी रद्द किया जा सकता है और दूसरे ने कहा कि अगर वे इसे आयोजित भी करते हैं तो इसका आयोजन दर्शकों के बिना हो सकता है। एलडीपी के महासचिव तोशिहिरो निकाई ने बुधवार को तोक्यो ओलंपिक के लिये 100 दिन की उलटी गिनती शुरू होने के एक दिन बाद ही यह रद्द होने का सुझाव दिया। उन्होंने यह टिप्पणी जापान के टीबीएस टीवी द्वारा रिकार्ड किये गए शो में की। निकाई ने कहा, ‘‘अगर खेलों को आयोजित करना असंभव दिखता है तो इन्हें निश्चित रूप से रद्द किया जाना चाहिए। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर ओलंपिक की वजह से संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो ओलंपिक कराने का कोई मतलब नहीं होगा। ’’ यह पूछने पर कि क्या रद्द किया जाना अब भी एक विकल्प है तो निकाई ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से। ’’ लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा, ‘‘जापान के लिये सफल ओलंपिक करना महत्वपूर्ण है। यह एक बड़ा मौका है। मैं इन्हें सफल बनाना चाहता हूं। हमें कई मुद्दों का निपटारा करके तैयारी करनी होगी और यह अहम है कि हम एक एक करके इन्हें देखें। ’’ जापान में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को ओसाका में 1,100 नये मामले रिकार्ड किये गये और ये जनवरी के बाद से यहां सबसे ज्यादा मामले हैं। जापान में 4,000 से ज्यादा नये मामले सामने आये हैं जो साल के शुरूआत के बाद सबसे ज्यादा हैं।

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जापान में कोविड-19 से 9,500 मौत हो चुकी हैं जो दुनिया भर की संख्या को देखते हुए इतनी ज्यादा नहीं हैं लेकिन एशिया में काफी खराब हैं। जापान में टीकाकरण अभियान के प्रभारी सरकारी मंत्री तारो कोनो ने कहा कि अगर ओलंपिक होते भी हैं तो शायद स्टेडियमों में दर्शक मौजूद नहीं हों। उन्होंने कहा कि संभावना है कि ओलंपिक का आयोजन खाली स्टेडियमों में किया जाये, विशेषकर अगर पूरे देश में पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़ती है तो। इसका मतलब है कि केवल टीवी कैमरा और ‘स्टिल’ कैमरा ही प्रतिस्पर्धाओं को रिकार्ड करेंगे जिसमें कुछ रिपोर्टर, जज और मैच अधिकारी शामिल होंगे। स्थगित हुए 2020 ओलंपिक तीन महीने बाद 23 जुलाई से शुरू होने हैं जबकि पैरालंपिक का आयोजन 24 अगस्त से किया जायेगा। विदेशों से खेल प्रेमियों को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है।

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अब देश में वायरस से संक्रमित मामले बढ़ने से जापानी दर्शकों को भी दूर रखा जा सकता है। कोनो ने गुरूवार को टीवी ‘टॉक शो’ पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब सवाल यह है कि ओलंपिक का आयोजन किस तरह किया जाये जो इस तरह की स्थिति में संभव हो। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब यह भी हो सकता है कि इन्हें देखने के लिये कोई भी दर्शक मौजूद नहीं हो। ’’ कोनो ने हालांकि यह नहीं कहा कि ओलंपिक का आयोजन नहीं किया जायेगा लेकिन उन्होंने कहा कि इनका आयोजन केवल ‘निश्चित परिस्थितियों’ में ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘इन ओलंपिक का आयेाजन जिस तरह से किया जायेगा, वह बीते ओलंपिक के आयोजन से काफी अलग तरह का होगा। ’’ तोक्यो ओलंपिक के आयोजक कह चुके हैं कि वे प्रत्येक स्थल में प्रवेश करने के लिये दर्शकों की संख्या पर फैसले की घोषणा इस महीने करेंगे।

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