By रितिका कमठान | Mar 22, 2025
आजकल डिजिटल का जमाना है, जिसमें डिजिटल पेमेंट से लेकर डिजिटल मिटिंग में हिस्सा लेना आम हो गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोग घर से बैठे ही ऑफिस का काम हो या फिर स्कूल की क्लास इसे अटेंड कर सकते है। वहीं गुजरात में हाईकोर्ट की सुनवाई भी वर्चुअल कोर्ट के जरिए होनी थी।
पहले मामले में धवल पटेल नाम का एक व्यक्ति जस्टिस एम. के. ठक्कर की कोर्ट में ऑनलाइन वीडियो लिंक से जुड़ा था। एक अदालती मामले में एक व्यक्ति ने ऑनलाइन वीडियो लिंक के माध्यम से जुड़कर अनुचित व्यवहार किया। जब उसे पहली बार लिंक से हटा दिया गया, तो वह फिर से टॉयलेट से जुड़ गया। अदालत ने उसका लिंक फिर से काट दिया और उसके बारे में जानकारी प्राप्त की। यह पाया गया कि वह एक ग्रेजुएट है और एक बड़ी कंपनी में काम करता है।
अदालत ने उसके व्यवहार की निंदा की और कहा कि ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने धवल पटेल के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी हरकत करना अस्वीकार्य और शर्मनाक है। इसके बाद हाईकोर्ट ने युवक पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ये राशि युवक कोर्ट में जमा कर चुका है। इसके अलााव कोर्ट ने आदेश दिया कि युवक को अनाथालय में 50 हजार रुपये दान करने होंगे।
लेटकर लिया सुनवाई में हिस्सा, कोर्ट ने जताई नाराजगी
इससे कुछ दिन पहले वामदेव गढ़वी नाम के युवक ने भी वर्चुअल कोर्ट में बिस्तर पर लेटकर कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लिया था। इस दौरान जज ने देखा कि युवक लेटे हुए कार्यवाही में हिस्सा ले रहा है। कोर्ट को ये तरीका पसंद नहीं आया। कोर्ट ने युवक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।