Top 5 Breaking News | 23 January 2026 | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

By रेनू तिवारी | Jan 23, 2026

Breaking News 23 January 2026 | आज की ताज़ा और बड़ी खबरें- देश-दुनिया की ताज़ा और बड़ी खबरें अब आपकी उंगलियों पर! प्रभासाक्षी के इस समाचार बुलेटिन में पढ़ें आज की मुख्य सुर्खियाँ। पूरी जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ।


Kerala में PM Modi का LDF-UDF पर सीधा प्रहार, बोले- राज्य को भ्रष्टाचार के चक्र में फंसाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की सराहना करते हुए कहा कि यह वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा दशकों से की गई उपेक्षा का अंत और विकास एवं सुशासन के एक नए युग की शुरुआत है। पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए दोनों मोर्चों की आलोचना भी की। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ने विभिन्न तरीकों से केरल को भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और तुष्टीकरण की राजनीति के चक्र में धकेल दिया है। भले ही वे अलग-अलग झंडे और चिन्हों का इस्तेमाल करते हों, लेकिन उनकी मूल राजनीतिक रणनीति और एजेंडा लगभग एक जैसे हैं: व्यापक भ्रष्टाचार, जवाबदेही का अभाव और विभाजनकारी सांप्रदायिकता को बढ़ावा देना। दोनों दल भली-भांति जानते हैं कि उन्हें हर पांच साल में सत्ता में आने का मौका मिलता है, फिर भी मूल मुद्दे अनसुलझे ही रहते हैं।”



जिस मुद्दे ने सत्ता दिलाई, अब उसी 'सिंगूर' से BJP के खिलाफ ममता शुरू करेंगी कुर्सी बचाने की लड़ाई

सिंगूर और नंदीग्राम ये दो ऐसे कंधे हैं जिनपर चढ़कर ममता बनर्जी ने 2011 में उस लाल दुर्ग को ध्वस्त कर दिया, जिसपर वाम मोर्चा 34 साल से काबिज था। टाटा मोटर्स एक प्लांट लगाना चाहती थी सिंगूर में और वहां उन्होंने भूमि अधिग्रहण भी कर लिया था। लेकिन फिर जिन लोगों की भूमि अधिग्रहित की गई थी उनके साथ मिलकर ममता बनर्जी ने आंदोलन छेड़ा, विरोध प्रदर्शन किया और अंतत: टाटा मोटर्स को वो जगह खाली करनी पड़ी। सिंगूर में प्रस्तावित टाटा संयंत्र ने वामपंथी दलों के गढ़ को ध्वस्त कर दिया और ममता बनर्जी को सत्ता में ला खड़ा किया। अब दुर्गापुर एक्सप्रेसवे के निकट स्थित सिंगूर का बंजर इलाका, जहां टाटा ने दुनिया की सबसे सस्ती कार बनाने की परियोजना को बीच में ही छोड़ दिया था, एक बार फिर बंगाल की राजनीति का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 18 जनवरी को सिंगूर से तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रोजगार सृजन और औद्योगीकरण के क्षेत्र में उसके रिकॉर्ड पर सवाल उठाने के बाद, बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने 28 जनवरी को वहीं अपनी रैली आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया है। 


भारत ने शुरू की भविष्य के युद्ध की तैयारी, Military Quantum Mission से पूरी तरह बदलेगा रणक्षेत्र

देश की सैन्य तैयारी के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ तब सामने आया जब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने मिलिटरी क्वॉन्टम मिशन पॉलिसी फ्रेमवर्क जारी किया। यह दस्तावेज आने वाले दशकों की युद्ध सोच का खाका है। इसका मकसद साफ है कि भारतीय सशस्त्र बल तकनीक केंद्रित भविष्य के युद्ध के लिए आज से ही खुद को तैयार करें। हम आपको बता दें कि इस नीति के तहत क्वॉन्टम तकनीक के चार मजबूत स्तंभों को थल सेना, नौसेना और वायु सेना में एक साथ जोड़ा जाएगा। इनमें क्वॉन्टम संचार, क्वॉन्टम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी तथा क्वॉन्टम पदार्थ और उपकरण शामिल हैं। लक्ष्य यह है कि भविष्य के रणक्षेत्र में सूचना की रफ्तार, गणना की ताकत और सेंसर की सटीकता में भारत किसी से पीछे न रहे बल्कि तकनीकी बढ़त हासिल करे।



Shashi Tharoor का 'बगावती' तेवर! कोच्चि में हुए अपमान के बाद कांग्रेस की हाई-लेवल बैठक से बनाई दूरी

केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। पार्टी के दिग्गज नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने राज्य चुनाव की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस आलाकमान द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, थरूर का यह कदम हाल ही में कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए 'अपमान' के प्रति उनके कड़े विरोध को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला तब लिया गया जब थरूर को कोच्चि में एक महापंचायत कार्यक्रम में "अपमानित" महसूस हुआ, जहां पार्टी सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे। अहम चर्चा मीटिंग से थरूर की गैरमौजूदगी हाई-स्टेक वाले राज्य चुनावों से पहले पार्टी के अंदरूनी मतभेद का संकेत देती है। कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया है कि वह फिलहाल कांग्रेस के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व दोनों से नाराज़ हैं, जिसके कारण उन्होंने मीटिंग में शामिल न होने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, थरूर ने अपने करीबी सहयोगियों को अपनी निराशा बताई है, और कहा है कि यह घटना पार्टी के अंदर उनके योगदान की अनदेखी के एक बड़े पैटर्न को दिखाती है।


गणतंत्र दिवस पर 'पाकिस्तानी ड्रोन हमले' का साया! पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान बॉर्डर पर हाई अलर्ट

देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर "हाई-लेवल अलर्ट" जारी किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन हमले या ड्रोन के जरिए हथियारों की बड़ी खेप भेजने की फिराक में हैं। इस खतरे को देखते हुए पूरी पश्चिमी सीमा को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध उड़ती हुई वस्तु या लावारिस सामान (जैसे टिफिन, खिलौने या परफ्यूम की बोतलें) को न छुएं, क्योंकि आईईडी (IED) को इन वस्तुओं के रूप में छिपाकर रखे जाने का इनपुट मिला है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पीर पंजाल रेंज के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।


दुनिया को 'गरिमा' का पाठ कैसे पढ़ाए भारत? RSS प्रमुख Mohan Bhagwat ने दिया ये Formula

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भगवत ने कहा कि भारत को अपने कार्यों से विश्व को गरिमा सिखानी चाहिए, न कि केवल भाषणों या पुस्तकों से। संघ के सरसंघचालक ने कहा कि पुस्तकों और भाषणों से प्राप्त ज्ञान महत्वपूर्ण है, लेकिन सच्ची सीख आचरण से मिलती है, जो समय के परिवर्तन के बावजूद शाश्वत सिद्धांत है। गुरुवार को दीदवाना-कुचामन जिले के छोटी खाटू कस्बे में मर्यादा महोत्सव में सभा को संबोधित करते हुए भगवत ने कहा कि विश्व को गरिमा सिखाना भारत का कर्तव्य है। उन्हें यह भाषणों या पुस्तकों से नहीं, बल्कि अपने आचरण से सिखाएं। पुस्तकों में ज्ञान है और लोग भाषण सुनते हैं, लेकिन इससे प्रक्रिया पूरी नहीं होती। मोहन भगवत ने कहा कि आचरण और व्यवहार शाश्वत है। यह बात एक हजार साल पहले कही गई थी और आने वाले समय में भी कही जाती रहेगी। लेकिन हजार साल पहले परिस्थितियाँ अलग थीं। आज परिस्थितियाँ भिन्न हैं। भगवत ने कहा कि जहाँ दुनिया इस बात से अनभिज्ञ है, वहीं भारत के पूर्वजों ने यह समझा था कि विभिन्नताओं के बावजूद सभी मनुष्य आपस में जुड़े हुए हैं, और इस एकता के साथ जीने से गरिमा आती है, जिसे उन्होंने 'धर्म' का सिद्धांत कहा।


Border 2 : असली हीरो से प्रेरित हैं सनी देओल, वरुण और दिलजीत के किरदार

27 साल के लंबे इंतजार के बाद, भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित युद्ध फिल्म का सीक्वल 'बॉर्डर 2' आज, 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गया है। जेपी दत्ता के निर्देशन में बनी 1997 की 'बॉर्डर' ने जहाँ लोंगेवाला की लड़ाई को अमर कर दिया था, वहीं 'बॉर्डर 2' 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के उन अनसुने पन्नों को खोलती है जिसमें जल, थल और नभ—तीनों सेनाओं का संयुक्त पराक्रम शामिल था। इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसके किरदार हैं, जो काल्पनिक नहीं बल्कि भारतीय सेना के असली जांबाजों से प्रेरित हैं। आइए जानते हैं कौन सा सितारा किस रियल-लाइफ हीरो की भूमिका निभा रहा है:


Palash Muchhal पर Smriti Mandhana के परिचित से 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

मशहूर फिल्म निर्माता और संगीतकार पलाश मुच्छल एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में हैं। सांगली के एक फिल्म फाइनेंसर वैभव माने ने पलाश पर 40 लाख रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला पलाश की एक फिल्म 'नज़रिया' (Nazariya) से जुड़ा बताया जा रहा है। सांगली के रहने वाले और फिल्म फाइनेंसर वैभव माने ने उन पर 'नजरिया' नाम की एक पूरी हो चुकी फिल्म से जुड़े 40 लाख रुपये की फाइनेंशियल धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। माने, जो लंबे समय से भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना को जानते हैं, उन्होंने सांगली पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। माने को स्मृति मंधाना का बचपन का दोस्त बताया जा रहा है, जिन्होंने पहले पलाश मुच्छल के प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करने का वादा किया था।



Donald Trump की Iran को सीधी चेतावनी, Middle East की ओर निकला US Navy का जंगी बेड़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका का एक नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की हत्या और परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की संभावना को लेकर तेहरान को चेतावनी दोहराई है। ट्रंप की ये टिप्पणियां गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच से लौटने के दौरान आईं। ये टिप्पणियां ईरान में आंतरिक अशांति और परमाणु गतिविधियों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच की स्थिति को दर्शाती हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से नाम न छापने की शर्त पर बात करते हुए अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोतों के आने वाले दिनों में मध्य पूर्व पहुँचने की उम्मीद है। क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं और ठिकानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों पर भी विचार किया जा रहा है, जो वाशिंगटन के मजबूत सैन्य विकल्पों को रेखांकित करता है। ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि हमारे कई जहाज उस दिशा में जा रहे हैं, एहतियात के तौर पर... मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो, लेकिन हम उन पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि इस तैनाती का उद्देश्य ईरानी कार्रवाइयों को रोकना था और अमेरिका को शायद इसका इस्तेमाल करने की जरूरत न पड़े। 


अमेरिका आधिकारिक तौर पर WHO से हुआ बाहर, जिनेवा मुख्यालय से हटाया गया अमेरिकी झंडा

वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति के इतिहास में आज एक नए और विवादास्पद अध्याय की शुरुआत हुई। संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अपनी सदस्यता समाप्त कर ली है। इस बड़े भू-राजनीतिक (Geopolitical) घटनाक्रम की पुष्टि अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग और विदेश विभाग ने एक संयुक्त बयान के माध्यम से की। इस फैसले के तुरंत बाद, जिनेवा में WHO मुख्यालय के बाहर से अमेरिकी झंडा हटा दिया गया, जो एक लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव के प्रतीकात्मक अंत का प्रतीक है। अमेरिका ने पुष्टि की है कि वह अब इस वैश्विक स्वास्थ्य संस्था के साथ केवल सीमित तरीके से जुड़ेगा ताकि बाहर निकलने की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके। एक वरिष्ठ अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि देश का WHO में पर्यवेक्षक के तौर पर भी शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बजाय संयुक्त राज्य अमेरिका बीमारी की निगरानी और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे मुद्दों पर अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग को प्राथमिकता देगा। उनके अनुसार, यह फैसला संगठन में वाशिंगटन के भरोसे की कमी को दर्शाता है, जिस पर वह कोविड-19 महामारी को ठीक से न संभालने और जरूरी सुधार करने में विफल रहने का आरोप लगाता है।



इंदौर में फिर गहराया जल संकट! दूषित पानी पीने से 22 लोग बीमार

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में एक बार फिर दूषित पेयजल के सेवन से कम से कम 22 लोग बीमार पड़ गए हैं। यह घटना तब सामने आई है जब महज कुछ हफ्ते पहले ही जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) के कारण शहर में 23 लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हुए थे। ये ताज़ा मामले मुख्य रूप से महू इलाके से सामने आए हैं, जहाँ 22 निवासियों ने दूषित पीने का पानी पीने के बाद बीमार होने की शिकायत की। इनमें से नौ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी मरीज़ों का इलाज मेडिकल देखरेख में घर पर किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों की संख्या 25 से ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि आस-पास के इलाकों से भी अतिरिक्त मामले सामने आए हैं। प्रभावित इलाकों से रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार देर रात प्रशासन हरकत में आया। ज़िला कलेक्टर शिवम वर्मा मरीज़ों से मिलने और स्थिति का जायज़ा लेने के लिए अस्पताल गए, जबकि स्वास्थ्य टीमों को इलाके में तैनात किया गया।

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